FIH वर्ल्ड कप में केसरिया जर्सी पहनेंगी भारतीय हॉकी टीमें, हॉकी इंडिया ने बताई वजह

HIGHLIGHTS
- भारतीय हॉकी टीमें FIH वर्ल्ड कप में नीली की जगह केसरिया जर्सी में उतरेंगी।
- हॉकी इंडिया ने बताया- रंग बदलाव तकनीकी जरूरत और खिलाड़ियों के सुझाव पर किया गया।
- जर्सी के रंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
नई दिल्ली। नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले FIH वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीली किट की जगह केसरिया जर्सी में खेलती नजर आएंगी। पूर्व भारतीय कप्तान विरेन रास्किन्हा ने जर्सी के रंग बदलाव पर सवाल उठाए हैं।
हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि नई जर्सी का डिजाइन और रंग "एक कहानी बताने" और "भारत का गौरव" दिखाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हॉकी इंडिया के अनुसार, केसरिया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है।
जर्सी के रंग को लेकर शुरू हुई राजनीति
संसद के मानसून सत्र के दौरान हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे हॉकी टीम की जर्सी बदले या इतिहास को दोबारा लिखने की कोशिश करे, देश के युवा सब देख रहे हैं।
हॉकी इंडिया ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत और उनके सुझावों के आधार पर लिया गया है। हॉकी इंडिया ने कहा कि इसका मुख्य कारण तकनीकी था।
हॉकी इंडिया के मुताबिक, नीले रंग की प्लेइंग यूनिफॉर्म नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ मिल जाती थी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों पर अब नीले रंग की सतह सामान्य है, जिसके कारण खिलाड़ियों को मैदान पर स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी होती थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए कोच और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे अन्य रंगों का सुझाव दिया। विचार-विमर्श के बाद केसरिया रंग को अंतिम रूप दिया गया। हॉकी इंडिया ने कहा कि तकनीकी जरूरत के अलावा केसरिया रंग का राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा महत्व भी है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
पहले भी बदली जा चुकी है हॉकी टीम की जर्सी
हॉकी इंडिया ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर जरूरत और अन्य कारणों से राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग किट में बदलाव किए जाते रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप में टीम की जर्सी का रंग पीला किया गया था, जबकि 2018 FIH हॉकी वर्ल्ड कप में इसे बदलकर आसमानी नीला किया गया था।
हॉकी इंडिया ने बताया कि केसरिया रंग का बदलाव खिलाड़ियों और कोच से मिले तकनीकी फीडबैक के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज में इसके प्रतीकात्मक महत्व को ध्यान में रखकर किया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.