सपा प्रमुख का आरोप: भाजपा का बजट सिर्फ कुछ खास लोगों के लिए

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट पेश होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे आलोचना की नजर से देखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों और पार्टी के करीबी समर्थकों के हित में तैयार किया गया है।
अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि शेयर बाजार में गिरावट यह दर्शाती है कि बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनके अनुसार, यह बजट केवल पांच प्रतिशत लोगों के लिए है और आम लोगों के लिए कोई राहत या लाभ इसमें शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने के बावजूद जनता को टैक्स में छूट नहीं दी गई, जबकि अमीरों और बड़े व्यवसायों को कई प्रकार की छूटें मिली हैं।
सपा प्रमुख ने इसे “निराशाजनक और निंदनीय बजट” करार दिया। उनका कहना है कि भाजपा का हर बजट अपने कमीशन और अपने समर्थकों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया जाता है और इसमें आम नागरिकों की कोई भूमिका नहीं होती।
वित्त मंत्री का बजट विवरण
वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2014–15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2025–26 में ₹11.2 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वर्ष 2026–27 में इसे ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, अवसंरचना क्षेत्र में निवेश को सुरक्षित करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जाएगी।
बजट में राजकोषीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान है और जीडीपी का 55.6% ऋण-से-जीडीपी अनुपात रहने का अनुमान है। गैर-ऋण प्राप्तियां 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण विकास पर जोर
निर्मला सीतारमण ने बजट में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इनमें छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान, दिव्यांगों के सशक्तीकरण के प्रयास, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, तटीय फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करना शामिल है।
पशुपालन क्षेत्र में लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे और पुशधन उद्यमों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, नारियल, काजू और चंदन जैसी फसलों को समर्थन मिलेगा और भारत-VISTAAR नामक बहुभाषी एआई टूल के माध्यम से किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
बजट में भारतीय काजू और कोको के लिए विशेष कार्यक्रम, नारियल संवर्धन योजना और अखरोट-बादाम के उत्पादन में वृद्धि के लिए योजनाएं भी शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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