‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व’, PM मोदी के बयान पर चिदंबरम का पलटवार

HIGHLIGHTS
- चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
- पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में नक्सलवाद का मुद्दा उठाया था।
- पीएम ने वैचारिक समर्थकों को समाज के लिए खतरा बताया था।
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर तंज कसा है। चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।”
चिदंबरम की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश को दिमागी नक्सलियों से सतर्क रहने की चेतावनी देने के बाद आई है।
पीएम ने वैचारिक समर्थकों को बताया था खतरा
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि देश जंगलों में फैले सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने में काफी हद तक सफल रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इसके वैचारिक समर्थक अभी भी समाज के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
उन्होंने कहा था कि ऐसे लोग तंत्र में घुसपैठ कर चुके हैं और नीतियों में हेरफेर करके हिंसा तथा अराजकता को बढ़ावा देने का अवसर तलाशते हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसे लोगों को पहचानने और अलग-थलग करने की अपील की थी।
‘सार्वजनिक नीतियां करते थे प्रभावित’
पीएम मोदी ने अपने भाषण में जोर देकर कहा था कि सालों से माओवादी विचारधारा के लोगों ने सत्ता के गलियारों में जगह बना ली थी। वे सरकारी समितियों में सलाहकारों के रूप में काम करते हुए सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित करते थे।
उन्होंने कहा था कि इस चुनौती को कम नहीं आंका जा सकता और अब अधिक सतर्कता की आवश्यकता है।
नक्सली हिंसा में हजारों जवान हुए शहीद, परिवार हुए तबाह
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के भयानक इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि दशकों पुरानी इस हिंसा ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया, अनगिनत परिवारों को तबाह किया और 3,500 से अधिक पुलिस तथा सुरक्षाकर्मियों की जान ली, जो युद्ध में शहीद हुए सैनिकों से भी ज्यादा है। एक समय भारत का एक बड़ा हिस्सा बंदूक के साए में था।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन को प्राथमिकता दी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि जिन क्षेत्रों में कभी गोलियां और खून-खराबा आम था, वहां अब विकास और विश्वास का तिरंगा लहरा रहा है और वे इलाके पूरी तरह नक्सलमुक्त हो रहे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.