वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण, राहत शिविर में बांटी सामग्री

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में प्रभावित परिवारों का हाल जाना।
- सलारपुर के विद्याविहार इंटर कॉलेज में राहत सामग्री बांटी गई।
- 16 वार्डों में कुल 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
वाराणसी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की।
सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्होंने इसी विद्यालय में राहत कार्यों का निरीक्षण करने के साथ राहत सामग्री का वितरण किया था। उन्होंने बताया कि वरुणा में बैक फ्लो होने से निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। पहले बरसात के इस समय 40-45 जनपद प्रभावित होते थे, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल का ही परिणाम है कि अब केवल 14 जिले ही थोड़ा बहुत प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले बच्चे मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित होते थे, लेकिन अब इसे पूरी तरह नियंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन और पार्टी के प्रयास से युद्धस्तर पर राहत सामग्री वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि काशी नई काशी के रूप में नए कलेवर को संजो रही है। काशी विश्वनाथ धाम, घाट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण और रिंग रोड ने काशी को नई काशी की गरिमा दी है।
आपदा राहत शिविर में बच्चों को दूध के साथ फल, अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया, तेल समेत 26 तरह की सामग्री दी जा रही है। सीएम ने कहा कि यह पूरा पैसा प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया है। पिछली सरकारों में यही पैसा सरकारें खा जाती थीं। जिन किसानों की फसल डूबी है, उन्हें मुआवजा देने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
मकान गिरने, आकाशीय बिजली और सर्पदंश को भी आपदा में शामिल किया गया है। परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये के वितरण की व्यवस्था कर दी गई है। बेघर लोगों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए भी निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकारें अच्छा कार्य लेकर आती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं। 48 नावों को लगाकर सेवा ली जा रही है। चिकित्सा सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड दिए जा रहे हैं। 1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद उचित छिड़काव कराया जाएगा, ताकि कोई बीमारी पैर न पसार सके।
उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए संभव है क्योंकि आपने एक योग्य सांसद को चुनकर संसद भेजा और देश का प्रधानमंत्री बनाया है। संकट की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। पूरी सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है, इसका उन्होंने सभी को आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने बाढ़ राहत शिविर का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। वहां मौजूद बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली।
इसके बाद सीएम ने काशी के कोतवाल कालभैरव के साथ ही काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। मुख्यमंत्री को पहले आठ सितंबर को काशी आना था, लेकिन पीएम का मेयर और डीएम के पास फोन आने का परिणाम कह सकते हैं कि सीएम तीन दिन पहले ही पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी पहुंच गए।
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