तिरुअनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के सामने संकट, पूर्व DGP आर. श्रीलेखा ने दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS
- आर. श्रीलेखा ने 30 सितंबर को इस्तीफा सौंपने की बात सामने आई है।
- मेयर वीवी राजेश ने इस्तीफा मिलने की पुष्टि की है।
- निगम सचिव के मुताबिक मेयर को दिया गया इस्तीफा अभी मान्य नहीं है।
तिरुअनंतपुरम। तिरुअनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के सत्ता संभालने के कुछ महीनों बाद पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती पैदा हो गई है। पूर्व डीजीपी और शास्तमंगलम की पार्षद आर. श्रीलेखा ने मेयर वीवी राजेश को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
मेयर वीवी राजेश ने इस्तीफा मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, आर. श्रीलेखा ने अभी तक अपना इस्तीफा निगम सचिव को नहीं सौंपा है। इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार निगम सचिव के पास है।
निगम सचिव जे. मुहम्मद शफी ने कहा कि मेयर वी.वी. राजेश को आर. श्रीलेखा की ओर से दिया गया इस्तीफा मान्य नहीं है। अगर इस्तीफा स्वीकार होता है तो 101 सदस्यीय निगम में भाजपा के पार्षदों की संख्या घटकर 49 रह जाएगी। फिलहाल भाजपा एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से सत्ता में है।
इस बीच भाजपा पार्षद आर. सुगाथन एक मामले में जेल में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आर. श्रीलेखा ने 30 सितंबर को इस्तीफा दिया था और वह पांच अक्टूबर को इसकी प्रति जिला कलेक्टर को सौंपने वाली हैं।
श्रीलेखा ने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे को मेयर पद नहीं मिलने से जुड़ी कथित नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आर. श्रीलेखा केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और राज्य की पहली महिला डीजीपी रह चुकी हैं।
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