हजारीबाग में मिट्टी की दीवार टूटी तो मिला वर्षों पुराना चांदी का खजाना

HIGHLIGHTS
- लगातार बारिश के कारण अमनारी गांव में पुरानी मिट्टी की दीवार ढह गई।
- मलबा हटाने के दौरान परिवार को दीवार के अंदर छिपा मिट्टी का गगरा मिला।
- गगरा टूटने के बाद आंगन में चारों ओर चांदी के सिक्के बिखर गए।
हजारीबाग के टाटीझरिया प्रखंड स्थित अमनारी गांव में गुरुवार को एक पुरानी मिट्टी की दीवार गिरने के बाद ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण संयुक्त परिवार के पुराने मकान की दीवार अचानक ढह गई। जब मलबा हटाया जाने लगा तो दीवार के अंदर चुनवाकर रखा गया मिट्टी का एक बड़ा गगरा (घड़ा) नीचे गिरकर टूट गया।
गगरा टूटते ही उसमें रखे चांदी के सिक्के आंगन में चारों तरफ बिखर गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और इस अनोखे नजारे को देखने के लिए भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार, अमनारी गांव निवासी रामचंद्र महतो, सुरेश महतो, संतोष प्रसाद (पिता-बढ़न महतो), बुधन महतो, बालेश्वर महतो और नंदु महतो (पिता-बैजु महतो) का यह संयुक्त मिट्टी का मकान काफी पुराना है।
लगातार बारिश के चलते मकान की एक दीवार कमजोर होकर गिर गई। परिवार के सदस्य जब मलबा हटाने लगे, तभी दीवार के अंदर छिपाकर रखा मिट्टी का गगरा नीचे गिरा और टूट गया। इसके बाद उसमें रखे चांदी के सिक्के बाहर निकलकर बिखर गए।
घटना देखने के लिए जुटी लोगों की भीड़
सिक्के मिलने की खबर फैलते ही पूरे गांव में इसकी चर्चा शुरू हो गई। कुछ ही समय में यह बात आसपास के कई गांवों तक पहुंच गई और बड़ी संख्या में लोग उस घर पर पहुंच गए। हर कोई दीवार के अंदर वर्षों से सुरक्षित रखे गए चांदी के सिक्कों को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने सिक्कों और गगरे को हाथ नहीं लगाया है। समाचार लिखे जाने तक मलबा और सिक्के उसी स्थिति में मौजूद थे, जैसे दीवार गिरने के बाद मिले थे। परिवार के लोग भी इस घटना को लेकर हैरान हैं।
पूर्वजों द्वारा छिपाकर रखने की जताई जा रही संभावना
ग्रामीणों का मानना है कि यह गगरा उनके पूर्वजों ने कई दशक पहले दीवार के अंदर सुरक्षित रखा होगा। पुराने समय में बैंकिंग व्यवस्था नहीं होने और चोरी-डकैती के डर से लोग अपनी कीमती वस्तुएं, चांदी के सिक्के और आभूषण मिट्टी के बर्तनों में रखकर घर की दीवारों या जमीन के अंदर छिपा देते थे।
ग्रामीणों के अनुसार, यह गगरा भी उसी परंपरा का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि ये सिक्के कितने पुराने हैं और इनकी संख्या कितनी है। गांव में इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे पूर्वजों की धरोहर बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे ऐतिहासिक महत्व की खोज मान रहे हैं। फिलहाल अमनारी गांव में यह घटना लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बनी हुई है।
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