फिनलैंड से 2 साल बाद भाई को राखी बांधने आ रही थी डॉक्टर बेटी, नेपाल की बाढ़ में हुई लापता

HIGHLIGHTS
- डॉ. प्रियंका 70 सदस्यीय दल के साथ नेपाल घूमने गई थीं
- 13 दिन का टूर पूरा कर 26 अगस्त को भारत लौटना था
- 25 अगस्त को पिता से वीडियो कॉल पर हुई थी आखिरी बातचीत
भिवानी। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भिवानी की बेटी डॉ. प्रियंका चौधरी के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। फिनलैंड में रहने वाली डॉ. प्रियंका 70 सदस्यीय दल के साथ नेपाल घूमने गई थीं। 13 दिन के इस दौरे के बाद उन्हें 26 अगस्त को वापस लौटना था। दो साल बाद वह भारत आ रही थीं और खास तौर पर रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने के लिए घर लौट रही थीं।
लेकिन बाढ़ की आपदा ने परिवार की खुशियों को चिंता में बदल दिया है। परिजन उनकी तलाश के लिए नेपाल जाना चाहते हैं, लेकिन वहां के बिगड़े हालात इसमें बाधा बन रहे हैं। परिवार वहां के अधिकारियों से संपर्क कर लगातार जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक डॉ. प्रियंका के बारे में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। उनका मोबाइल फोन भी 25 अगस्त से बंद है।
डॉ. प्रियंका के पिता रमेश ओला भिवानी जिला परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं और वर्तमान में परिवार के साथ बिलासपुर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को बेटी से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। प्रियंका ने बताया था कि वह चीन-नेपाल सीमा के पास एक होटल में ठहरी हुई हैं और 26 अगस्त को भारत लौटेंगी। उन्होंने रक्षाबंधन पर घर आने की बात भी कही थी।
बातचीत के बाद फोन कट गया। करीब एक घंटे बाद जब दोबारा कॉल की गई तो फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद से परिवार नेपाल के अधिकारियों से संपर्क कर बेटी की जानकारी जुटाने में लगा है। बताया गया है कि जिस इलाके में प्रियंका होटल में ठहरी थीं, वहां कई होटल बाढ़ में बह गए हैं। परिवार उनकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित है और उनका फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। फिलहाल परिजन भगवान से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
दो साल पहले घर आई थीं प्रियंका
जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष रमेश ओला बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव बड़सी के रहने वाले हैं। बेटी प्रियंका की पढ़ाई और कारोबार के कारण पूरा परिवार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर चला गया था। प्रियंका ने कॉलेज की पढ़ाई के बाद फिनलैंड में मेडिकल की शिक्षा पूरी की। वह फिनलैंड में डॉक्टर हैं और वहीं इंजीनियर याइनी से शादी की है।
डॉ. प्रियंका चौधरी दो साल पहले अपने घर और पैतृक गांव आई थीं। रमेश ओला ने बताया कि पिछले साल वह अपनी पत्नी के साथ बेटी से मिलने फिनलैंड गए थे और करीब दो महीने वहां रहे थे। उनका बेटा भारत में ही रहा।
अब प्रियंका दो साल बाद अपने भाई से मिलने और रक्षाबंधन मनाने के लिए बिलासपुर लौट रही थीं। गांव बड़सी निवासी उनके चचेरे भाई विनोद ओला ने बताया कि उनके ताऊ रमेश ओला के दो बच्चे हैं, बड़ी बेटी प्रियंका और छोटा बेटा। डॉ. प्रियंका रक्षाबंधन पर घर आने वाली थीं।
शिवरात्रि पर टीम के साथ नेपाल गई थीं
रमेश ओला ने बताया कि बेटी प्रियंका ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के साथ नेपाल घूमने गई थीं। इस दल में फिनलैंड के अलावा जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर और उनके परिजन भी शामिल थे। 13 अगस्त को शिवरात्रि के अवसर पर यात्रा शुरू हुई थी, जो 26 अगस्त तक निर्धारित थी। दल विशेष रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गया था।
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