E20 Petrol में 20% नहीं, 31.2% तक एथनॉल मिलने का दावा, कर्नाटक सरकार ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- राज्य के खाद्य मंत्री रिजवान अरशद ने पेट्रोल के 63 सैंपलों की जांच रिपोर्ट जारी की।
- IOCL के पेट्रोल सैंपल में 31.2% एथनॉल मिलने की बात सामने आई।
- HPCL के सैंपल में 30.5% एथनॉल पाया गया।
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने E20 पेट्रोल में निर्धारित 20 प्रतिशत के बजाय 30 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिलाए जाने का दावा किया है। राज्य सरकार ने इस मामले में उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जो पेट्रोल में तय सीमा से ज्यादा एथनॉल मिलाकर उसकी बिक्री कर रही हैं।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के एक मंत्री ने शुक्रवार को बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) से लिए गए पेट्रोल के एक सैंपल में एथनॉल की मात्रा 31.2 प्रतिशत दर्ज की गई है।
कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल के 63 सैंपलों की कराई जांच
राज्य सरकार ने केंद्र की BJP नेतृत्व वाली सरकार से मांग की है कि पेट्रोल में निर्धारित सीमा से अधिक एथनॉल मिलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की भी मांग की गई है, जिनके वाहनों को कथित तौर पर ज्यादा एथनॉल मिश्रण के कारण नुकसान पहुंचा है।
बेंगलुरु में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने पेट्रोल की जांच से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि उनके विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पेट्रोल के कुल 63 सैंपल एकत्र किए थे।
मंत्री के अनुसार, जांच में IOCL के पेट्रोल में 31.2 प्रतिशत एथनॉल पाया गया। वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के सैंपल में इसकी मात्रा 30.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
इसके अलावा सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और निजी कंपनियों नायरा (Nayara) तथा शेल (Shell) के पेट्रोल सैंपलों की भी जांच की गई। इनमें एथनॉल की मात्रा क्रमशः 26.5 प्रतिशत, 26.1 प्रतिशत और 25.5 प्रतिशत मिली।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु भी उन जिलों में शामिल है, जहां पेट्रोल के नमूनों में एथनॉल का स्तर निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक पाया गया।
पेट्रोल की जांच रिपोर्ट पर पारदर्शिता को लेकर सवाल
रिजवान अरशद ने बताया कि विभाग की ओर से एकत्र किए गए पेट्रोल के सैंपल शुरुआत में IOCL और BPCL की अपनी प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि, वहां से मिली रिपोर्ट में एथनॉल की मात्रा का उल्लेख नहीं किया गया था, जबकि यह जांच के निर्धारित मानकों में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में एथनॉल की मात्रा की जानकारी नहीं दिए जाने से जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद विभाग ने उन्हीं सैंपलों को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (NABL) और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (ISO) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा।
इन प्रयोगशालाओं से मिली रिपोर्ट में पेट्रोल के भीतर एथनॉल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। इसी आधार पर कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल में जरूरत से ज्यादा एथनॉल मिलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
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