अब 6 साल बाद अग्निवीरों की होगी स्थायी भर्ती, रक्षा अधिकारियों ने किया स्पष्ट

HIGHLIGHTS
- अग्निवीरों को चार साल के बजाय कुल छह साल तक सेवा का अवसर मिलेगा।
- छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में भर्ती किए जाने का प्रावधान किया गया है।
- सेवा जारी रखने के इच्छुक, फिट और अनुशासित अग्निवीर इस व्यवस्था के पात्र होंगे।
नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को लेकर रक्षा अधिकारियों ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। गुरुवार को अधिकारियों ने बताया कि सेवा में बने रहने के इच्छुक, शारीरिक रूप से फिट और अनुशासित सभी अग्निवीरों को छह साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्निपथ भर्ती योजना को समाप्त नहीं किया गया है।
यह स्पष्टीकरण केंद्र सरकार की उस घोषणा के एक दिन बाद आया है, जिसमें चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की बात कही गई थी। इसके बाद निर्धारित मानदंडों पर खरे उतरने वाले अग्निवीरों को स्थायी रूप से सेना में भर्ती किया जाएगा।
छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बन सकेंगे अग्निवीर
जून 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था। इस योजना में कुल भर्ती अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने की व्यवस्था थी।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को योजना में किए गए बदलावों की जानकारी दी थी। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का सेवाकाल जल्द समाप्त होने वाला था और उन्हें सशस्त्र बलों से बाहर होना पड़ता।
अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने और इसके बाद स्थायी भर्ती का फैसला लिया गया था।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव के तहत अग्निवीरों की वरिष्ठता बरकरार रखी जाएगी। नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने पर उन्हें अपने बैचमेट के ठीक बाद स्थान दिया जाएगा।
अग्निपथ योजना में बदलाव के बीच युवाओं का विरोध जारी
अग्निपथ भर्ती योजना में बदलाव का ऐलान ऐसे समय किया गया है, जब देश में इस योजना को लेकर युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं, विपक्ष भी बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहा है।
फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक सैनिक सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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