कांवड़ यात्रा की चुनौतियां

कुछ समय बाद निकलने वाली कांवड़ यात्रा की निर्विघ्न सम्पन्नता की दृष्टि से जिला अधिकारी उमेश मिश्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा को साथ लेकर तमाम विभागाध्यक्षों की बैठक बुला निर्देशित किया है। कावड़ यात्रा में मुजफ्फरनगर जिला महत्वपूर्ण मुकाम है। गंगोत्री एवं हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले करोड़ों शिवभक्त इस जनपद से होकर गुजरते हैं। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान आदि प्रदेशों के लाखों कांवडियों के आगमन से एक विशेष परिस्थिति बन जाती है जिसमें एक ओर सेवा और दूसरी ओर सतत सतर्कता बरतना अनिवार्य हो जाती है। देश में दुराग्रही शक्तियों द्वारा अशान्ति व अराजकता उत्पन्न करने की कुटिल मनोवृत्ति के कारण कांवड़ यात्राकाल में प्रभासन को विशेष सावधानी बरत कर कर्तव्यपालन करना पड़ता है।
संतोष का विषय है कि कुछ छोटी-मोटी घटनाओं के बावजूद गत वर्ष की कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई जिसके लिए शिव चौक पर जिला अधिकारी उमेश मिश्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा का धार्मिक संगठनों ने अभिनन्दन कर उनका आभार जताया था। सभी जानते हैं कि कांवड़ यात्रा की सफलता को पूरे श्रावण मास में प्रशासन, पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी सतर्क-तत्पर रहे।
जैसा कि विदित है गतवर्ष की कांवड़ यात्रा के आरम्भ होने से पूर्व ही शिवभक्तों की सेवा करने वाले और यात्रा में बाधा डाल शासन प्रशासन को बदनाम करने वाले तत्त्व सक्रिय हो गए थे।
29 जून, 2025 को बघरा योग आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर ने दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ढाबों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कुछ होटलों व ढाबों का संचालन मुस्लिम करते हैं और कावड़ियों को भ्रमित करने को हिन्दू नाम व हिन्दू देवी देवताओं के चित्रों का प्रयोग करते हैं। यहां शाकाहारी भोजन के साथ मांसाहारी भोजन भी परोसा जाता है। रथेड़ी मार्ग पर पंडित वैष्णव ढाबे का संचालन तजम्मुल नाम का एक मुस्लिम कर रहा था जिसने कांवड़ियों को झांसा देने के उद्देश्य से अपना नाम खुद गोपाल रख लिया था। होटल पर रसोइया व खाना परोसने वाले कुछ मुस्लिम कर्मचारी भी थे। मामला उछला तो पता चला कि मेरठ की दीक्षा शर्मा ने होटल तजम्मुल को ठेके पर दिया है। उधर भाकियू नेता ने कहा कि गोपाल की हिन्दू धर्म में आस्था है। स्वामी यशवीर व्यर्थ में माहौल खराब कर रहे हैं।
मामले को बढ़ता देख 8 जुलाई 2025 को मेरठ पहुंचे उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान होटल ढाबों का निरीक्षण खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें करेंगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कोई गैर सरकारी संस्था या व्यक्ति होटल ढाबों के भोज्य पदार्थों का निरीक्षण नहीं कर सकता।
इसी बीच 12 जुलाई, 2025 को दिल्ली के वामपंथी नेता अपूर्वानंद झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल उत्तराखंड सरकार के होटलों पर क्यूआर कोड लगाने के निर्णय को चुनौती दी। उधर समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद रिजवी ने कांवड़ियों को जाहिल गंवार कह माहौल खराब करने की कोशिश की। विरोध में सिकंदरपुर (बलिया) का बाजार 27 जुलाई 2025 को बन्द रहा। 28 जुलाई को भोपा पुलिस ने ग्राम जौला निवासी फुरकान तथा सलीम को कांवड़ यात्रा तथा हिन्दू महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी कर सांप्रदायिकता भड़काने पर गिरफ्तार कर जेल भेजा।
ये घटनायें सिद्ध करती हैं कि कांवड़ यात्रा धार्मिक अनुष्ठान होते हुए बहुत संवेदनशील हो जाती है। मामूली सी घटना भयंकर रूप धारण कर लेती है। मुजफ्फरनगर का जिला प्रशासन व पुलिस जिस प्रकार गत वर्ष जागरूक व सतर्क रहा, वैसे ही इस वर्ष भी सक्रिय रहेगा। कांवड़ यात्रा में मुजफ्फरनगर के धार्मिक संगठनों व धर्म प्रेमियों का सदा सहयोग मिलता रहा है। आशा है कि इस बार भी कांवड़ यात्रा निर्विघ्न संपन्न होगी।
गोविंद वर्मा
संपादक 'देहात'
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