त्वरित टिप्पणी: शहर में जलभराव के इन्तज़ार में रहते हैं नेताजी

दो दिनों की अनवरत वर्षा से मुजफ्फरनगर शहर पानी-पानी हो गया है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्य मेरठ- हरिद्वार रोड मार्ग पर रुड़की चुंगी से आगे तक सड़क पर 3 फीट ऊंचाई तक बरसाती पानी भरा है। नगर की तमाम निचली बस्तियों की दशा तो और भी खराब है।
वस्तुस्थिति का जायजा लेने और नागरिकों की परेशानियों के रू-ब-रू होने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल बरसाती पानी में उतरे और परेशानी झेल रहे लोगों को आश्वस्त किया। नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप भी जलभराव की स्थिति जानने पहुंची। अन्य नेतागण भी जलभराव की स्थिति जानने निकल पड़े। गतवर्ष की बरसात में राज्यमंत्री जी ने हालात जानने को रामपुरी से काली नदी तक पैदल चलकर जनता की परेशानियों को देखा। इस वर्ष भी गत वर्ष जैसे हालात हैं। यह हर वर्ष की कहानी है। बरसात खत्म होने या पानी उतर जाने के बाद कोई नहीं आता। हर बरसात में यही कवायत दुहराई जाती है। यदि नेतागण पिछले आश्वासनों पर अमल कराते तो यह सालाना दुर्गति न होती। बरसाती पानी के निकास की समुचित व्यवस्था हो जाती तो मंत्री जी को पानी में उतरने की जहमत न उठानी पड़ती। आशा की जाती है कि अगली बरसात में ऐसी नौबत नहीं आएगी।
गोविंद वर्मा
संपादक 'देहात'
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