मुरादाबाद में मोमबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग, 16 से ज्यादा दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

HIGHLIGHTS
- आग लगने के बाद सुरक्षा के लिए आसपास के कई रिहायशी मकानों को खाली कराया गया।
- दमकल टीमों ने फोम टेंडर समेत कई संसाधनों की मदद से घंटों अभियान चलाया।
- पुलिस और प्रशासन फैक्ट्री, गोदाम और बेसमेंट में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के कोतवाली क्षेत्र स्थित सागर सराय कृष्णा कॉलोनी (ई-ब्लॉक) में देर रात एक मोमबत्ती फैक्ट्री-कम-गोडाउन में अचानक भीषण आग लग गई। मयूर इंटरनेशनल नामक इस फैक्ट्री में आग लगते ही कुछ ही देर में लपटें काफी तेज हो गईं और आसपास के रिहायशी मकानों तक पहुंचने लगीं।
संकरा इलाका होने के कारण राहत और बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर आसपास के कई मकानों को खाली करा लिया गया।
आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुरादाबाद मंडल के कई जिलों से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां मंगाई गईं। एसएसपी के अनुसार, 16 से अधिक फायर टेंडर और फोम टेंडर की मदद से दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया। हालांकि, आग पूरी तरह बुझाने का काम अभी जारी है।
समय रहते खाली कराए गए मकान, नहीं हुई जनहानि
राहत की बात यह रही कि प्रशासन की सतर्कता के चलते इस बड़े हादसे में किसी की जान नहीं गई। हालांकि, बेसमेंट और फैक्ट्री परिसर में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि देर रात करीब 12:55 बजे थाना कोतवाली क्षेत्र में एक ही परिसर में संचालित घर, गोडाउन और फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और फायर व फोम टेंडर्स के जरिए आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में स्थानीय लोगों ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है। एक ही स्थान पर मकान, गोदाम और फैक्ट्री संचालित होने के कारण आग पर नियंत्रण पाने में काफी चुनौतियां आईं।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास किया गया। इसके बावजूद कुछ मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई थीं।
डीएम ने कहा कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। घनी आबादी और संकरे रास्तों के बावजूद फायर ब्रिगेड की 16 से ज्यादा गाड़ियों ने समय रहते कार्रवाई कर आग को और फैलने से रोक लिया।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी राहत यह रही कि आसपास के मकानों को समय रहते खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। दमकल कर्मी बेसमेंट में बची आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
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