गंगा एक्सप्रेसवे के पुल पर एक्सपेंशन ज्वाइंट खिसके, दरारें दिखने से गुणवत्ता पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे के अरिल नदी पुल पर एक्सपेंशन ज्वाइंट खिसकने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे।
- पुल पर दरारें दिखने और पत्थर गिरने से स्थानीय लोगों में खतरे की चिंता बढ़ी।
- डीएम ने यूपीडा और कार्यदायी संस्था को निरीक्षण कर जल्द सुधार कराने के निर्देश दिए।
बदायूं। जिले से होकर गुजर रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। किमी संख्या 207-208 के बीच अरिल नदी पर ब्रह्मदेव मंदिर के सामने बने छोटे पुल के पास दोनों ओर लगाए गए एक्सपेंशन ज्वाइंट खिसककर नीचे आ गए हैं। इसके चलते पुल के ऊपर भी दरारें दिखाई देने लगी हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले पांच दिनों से इसी स्थिति में वाहन पुल से गुजर रहे हैं। वहीं, एक स्थान पर पुल का ज्वाइंट का बड़ा हिस्सा खुला हुआ नजर आ रहा है। मामले की जानकारी डीएम को दी गई है। डीएम ने यूपीडा और कार्यदायी संस्था को मौके का निरीक्षण कर इसे सही कराने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ से प्रयागराज तक तैयार किए गए गंगा एक्सप्रेसवे पर 29 अप्रैल से संचालन शुरू हो चुका है। इसका करीब 92 किलोमीटर हिस्सा बदायूं जिले से होकर गुजरता है। जिले में आवागमन के लिए तीन इंटरचेंज बनाए गए हैं। इनमें डहरपुर इंटरचेंज से आगे गंगा एक्सप्रेसवे के किमी संख्या 207-208 पर अरिल नदी के पुल पर बने एक्सपेंशन प्वाइंट में समस्या सामने आई है।
अरिल नदी के दोनों ओर बने पिलरों के पास लगाए गए पत्थर भी धीरे-धीरे खिसककर नीचे गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पत्थर ब्रह्मदेव मंदिर के आसपास गिरते हैं, जिससे लोगों के घायल होने की आशंका बनी हुई है। लोगों के अनुसार, पत्थरों के खिसकने के कारण पुल पर कई जगह दरारें भी आने लगी हैं।
इसके अलावा पुल का एक बड़ा ज्वाइंट पूरी तरह हट गया है, जिससे पुल के बैठने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग से रोजाना दो से तीन सौ से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में जल्द मरम्मत नहीं होने पर हादसे की आशंका बनी रह सकती है। लोगों ने बताया कि इसकी जानकारी दो दिन पहले ही डीएम को दी जा चुकी है।
मंदिर में रहने वाले लोगों में डर का माहौल
अरिल नदी के पास ही ब्रह्मदेव मंदिर स्थित है, जहां साधु-संतों के अलावा श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है। कुछ लोग मंदिर परिसर में रहते भी हैं। उनका कहना है कि पुल से पत्थर खिसककर नीचे गिर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले दिन चार-पांच पत्थर एक साथ नीचे गिरे थे, जिससे वहां सो रहे लोग बाल-बाल बच गए। अभी भी मिट्टी के साथ एक-दो पत्थर खिसककर नीचे आ जाते हैं, जिससे खतरा बना हुआ है।
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