कनाडा में भारतीय मूल के पांच लोग गिरफ्तार, जबरन वसूली और हथियार तस्करी के आरोप

HIGHLIGHTS
- ऑटो डीलरशिप के सह-मालिकों ने जून 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी।
- जांच के दौरान चार हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन जब्त की गईं।
- पुलिस ने संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम भी बरामद की।
कनाडा। कनाडा में भारतीय मूल के पांच लोगों को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों पर गोलीबारी, आगजनी, हथियारों की तस्करी और ड्रग्स से जुड़े अपराधों के आरोप भी हैं।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि ये गिरफ्तारियां एक ऑटो डीलरशिप की 16 महीने तक चली जांच के बाद की गई हैं। डीलरशिप के सह-मालिकों ने जून 2025 में जबरन वसूली की मांग किए जाने की शिकायत की थी। इसके बाद लैंगली और सरे स्थित डीलरशिप में आगजनी और गोलीबारी की दो घटनाएं हुई थीं।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों लोगों को विदेशी नागरिक बताया है। इनमें 23 वर्षीय संकेत सिंगला भारत का रहने वाला है। पुलिस ने उसे कनाडा में प्रवेश की जांच के दौरान गुरुवार को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों में साहिल (24), सिमरनजीत सिंह (24) और हर्ष (21) शामिल हैं, जो ब्रिटिश कोलंबिया के रहने वाले हैं। वहीं, 24 वर्षीय जगदीप सिंह ओंटारियो का निवासी है। इन सभी को सरे में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने क्या आरोप लगाए?
पुलिस के मुताबिक, पांचों आरोपी फिलहाल हिरासत में हैं। ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने गुरुवार को सभी पांचों पर जबरन वसूली का आरोप लगाया। कुछ आरोपियों पर हथियार, आगजनी, विस्फोटक और कोकीन की तस्करी से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं।
सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, संकेत सिंगला और सिमरनजीत सिंह ने विस्फोटक का इस्तेमाल कर एक वाहन को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा संपत्ति को नष्ट करने या उसे नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऑटो शॉप में मोलोटोव कॉकटेल फेंकने का भी आरोप है।
रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल पर कोकीन और प्रतिबंधित हथियारों की तस्करी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने चार हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन के अलावा संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम भी जब्त की। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले सबूत ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में जबरन वसूली तथा हिंसा के अन्य मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन है?
कैनेडियन प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये गिरफ्तारियां उन मामलों से संबंधित हैं, जिनकी जांच पिछले साल पूरे प्रांत में जबरन वसूली विरोधी टास्क फोर्स के गठन के बाद शुरू की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जबरन वसूली के ज्यादातर मामलों में कारोबारियों और दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों को धमकाने की बात सामने आई है।
बीसी जबरन वसूली टास्क फोर्स के चीफ सुपरिटेंडेंट डंकन पाउंड ने बताया कि कोर्ट की कार्यवाही के दौरान यह सामने आएगा कि इन मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कोई भूमिका थी या नहीं।
बता दें कि कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। फिलहाल बिश्नोई अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है।
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