मुजफ्फरनगर में बाढ़ का खतरा, मंत्री ने प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण

HIGHLIGHTS
- उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हो रही है।
- पहाड़ों से पानी आने के कारण खादर इलाके में जलभराव की स्थिति बनी है।
- कई स्थानों पर गन्ना और धान की फसलें पानी में डूबी हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी नजर आने लगा है। पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण मुजफ्फरनगर के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के खादर इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
खादर क्षेत्र में कई स्थानों पर गन्ना, धान और अन्य खरीफ की फसलें पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ के पानी से गांवों को जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों से जोड़ने वाले कई रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। मुख्य सड़कें पानी में डूब जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कुछ गांवों में सरकारी स्कूल परिसरों में भी घुटनों तक पानी भर गया है। स्कूल परिसर तालाब जैसे नजर आ रहे हैं।
खादर क्षेत्र में बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार रविवार दोपहर करीब 2 बजे अपने काफिले के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने राजापुर कला समेत कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ग्रामीणों के बीच पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और चौपाल लगाकर बाढ़ के चलते सामने आई परेशानियों की जानकारी ली। मंत्री ने अपने काफिले के साथ दो घंटे से अधिक समय तक क्षेत्र का दौरा किया।
मीडिया से बातचीत में मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि उन्होंने खुद प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। किसानों की फसलों को हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा और नियमों के अनुसार किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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