पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का फरीदाबाद में होगा अंतिम संस्कार, गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

HIGHLIGHTS
- भरतपुर के भौंडा-रायपुर गांव में क्रेशर प्लांट के रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था।
- रविवार शाम 70 से 80 लोगों की भीड़ क्रेशर प्लांट पर पहुंची थी।
- संघर्ष में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
राजस्थान के भरतपुर जिले में क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर करीब दो साल से चल रहा विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस घटना में बयाना विधानसभा सीट से पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। सोमवार को एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित उनके पैतृक गांव पाली लाया गया, जहां गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पूर्व विधायक के आवास पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी। उनका शव देखकर परिवार की महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। घर पर शोक का माहौल है और परिजनों का विलाप जारी है।
दो साल से चल रहा माइनिंग विवाद हिंसक संघर्ष में बदला
भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र के भौंडा-रायपुर गांव में क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों और प्लांट संचालकों के बीच लगभग दो साल से विवाद चल रहा था। रविवार, 11 अक्टूबर की शाम पहाड़ी पर खनन कार्य के दौरान अचानक 70 से 80 लोगों की भीड़ क्रेशर प्लांट पर पहुंच गई।
दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान जमकर पथराव हुआ और लाठी-डंडे चले। संघर्ष में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।
पत्नी ने गोली चलाने का लगाया आरोप, जयपुर ले जाते समय तोड़ा दम
घटना के बाद पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनके पति पर गोली चलाई गई थी। वहीं, पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत की वजह शरीर पर लगी गंभीर चोटें और अत्यधिक खून बहना बताई जा रही है।
घायलों को पहले वैर उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, जयपुर पहुंचने से पहले ही दौसा जिले में महुआ के पास रास्ते में उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव, सुरक्षा बढ़ाई गई
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पूर्व विधायक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद उनके बड़े बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना की मौजूदगी में पार्थिव शरीर को पैतृक गांव पाली लाया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भौंडा गांव और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पूरे हिंसक संघर्ष, मारपीट और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
लाहौल-स्पीति में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं बेटी
अतर सिंह भड़ाना करीब 30 वर्षों से राजस्थान में रह रहे थे। वर्ष 2003 में वह राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक चुने गए थे। इससे पहले वह दो बार गांव के सरपंच भी रह चुके थे। उनके पिता भी सरपंच रहे थे।
अतर सिंह भड़ाना बेटियों की शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उनकी बेटी किरण भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में उपायुक्त (डीसी) के पद पर कार्यरत हैं।
पूर्व विधायक की मौत की खबर से उनके परिचितों और क्षेत्र के लोगों में शोक है। गांव में उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
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