बिहार कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर, सीएम सम्राट चौधरी ने खुद दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- बिहार कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद प्रेस वार्ता कर फैसलों की जानकारी दी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर सम्मान व्यक्त किया गया।
बिहार: शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई। आमतौर पर कैबिनेट की बैठक बुधवार को होती है, लेकिन इस बार सोमवार को ही मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद एक और बात चर्चा में रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद प्रेस वार्ता करने पहुंचे और कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सामान्य तौर पर यह जिम्मेदारी मंत्रिमंडल सचिवालय के अधिकारी निभाते हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार है, जब सम्राट चौधरी ने खुद कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें से तीन महत्वपूर्ण विषयों को सामने रखने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दो प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े दो प्रस्तावों की जानकारी देकर की। पहले प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर बिहार मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
दूसरे प्रस्ताव में बिहार की डबल इंजन सरकार के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया गया। सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित भारत-2047 के निर्माण में अग्रणी भागीदार बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी।
इसके साथ ही बिहार को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
सात अक्टूबर को बताया ऐतिहासिक दिन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सात अक्टूबर को भारतीय लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा, "सात अक्टूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन में सात अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। सात अक्टूबर 2021 को वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने। सात अक्टूबर 2014 को वह देश के प्रधानमंत्री बने। परिस्थितियां बदलती रही, लेकिन कर्मयोग चलता रहा। पिछले 25 साल में गरीब और किसान कल्याण के लिए उनका काम उल्लेखनीय रहा।"
सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और मंत्रिपरिषद की ओर से उनके प्रति आभार जताते हुए अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में इस तारीख का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री ने सत्ता को अधिकार के बजाय सेवा का माध्यम माना है। गरीब कल्याण, किसानों और वंचित वर्गों का सशक्तीकरण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में वह काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना के तहत विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
बिहार में आवास और जनधन खातों का किया जिक्र
बिहार के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए जनधन योजना के माध्यम से सात करोड़ से अधिक लोगों को बैंक खातों से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में करीब 55 लाख आवासों का निर्माण किया गया। वहीं, वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 11.25 लाख अतिरिक्त आवासों के लिए राशि आवंटित की गई है।
सीएम सम्राट चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालयों के निर्माण और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से बिहार के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।






















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