पुणे के YCMH अस्पताल में फिर विवाद, शराब पीने के आरोप में मेडिकल ऑफिसर सस्पेंड

HIGHLIGHTS
- 3 अक्टूबर को थेरगांव में दुर्घटना के बाद एक मजदूर को अस्पताल लाया गया था।
- मृतक के परिवार को शव लेने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ा।
- वायरल वीडियो में मेज पर शराब की बोतल दिखाई देने का दावा किया गया है।
पुणे। यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (YCMH) एक महीने के भीतर तीसरी बार विवादों में आ गया है। अस्पताल से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पोस्टमार्टम विभाग में एक वरिष्ठ डॉक्टर को कथित तौर पर शराब की पार्टी करते हुए देखा जा सकता है।
पिंपरी चिंचवड़ के नगर आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने संबंधित मेडिकल ऑफिसर डॉ. वैभव म्हस्के को निलंबित कर दिया है। पिछले पांच सप्ताह के दौरान दो वीडियो वायरल होने के बाद YCMH अस्पताल की आलोचना हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को जारी निलंबन आदेश में नगर आयुक्त सूर्यवंशी ने कहा कि डॉ. म्हस्के ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए गए थे। उनके मुताबिक, इससे मरीजों की देखभाल, सर्जरी और अस्पताल की अन्य जरूरी सेवाओं में बाधा पहुंची।
यह कार्रवाई 3 अक्टूबर को रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो के सामने आने के बाद की गई। उस दिन धाराशिव जिले के एक दिहाड़ी मजदूर के साथ थेरगांव स्थित निर्माण स्थल पर दुर्घटना हुई थी। उसे YCMH अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वीडियो में मृतक के परिजन कथित तौर पर नशे की हालत में मौजूद डॉ. म्हस्के से शव लेने के लिए जरूरी दस्तावेज देने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर के पास रखी मेज पर शराब की एक बोतल भी नजर आ रही है।
मृतक के एक दोस्त ने बताया कि यह वीडियो उस समय बनाया गया था, जब परिवार को शव हासिल करने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ा। उसने यह आरोप भी लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने शव जल्द सौंपने के बदले पैसे मांगे थे।
उसने कहा, “जब परिवार जरूरी दस्तावेज लेने पोस्टमार्टम विभाग पहुंचा, तो उन्हें बताया गया कि शव सुबह ही मिलेगा। अगर रात में शव चाहिए, तो पैसे देने होंगे।”
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इसके बाद लोग मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोगों ने भी साझा किए अपने अनुभव
वीडियो सामने आने के बाद रात में शव सौंपने के बदले पैसे मांगने के आरोप चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने भी अपने साथ हुए कथित ऐसे ही अनुभव साझा किए हैं।
बाल अधिकार कार्यकर्ता यामिनी अडबे ने दावा किया कि YCMH के कर्मचारियों ने उनके एक दोस्त से रात में शव सौंपने के लिए 27,000 रुपये मांगे थे।
पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
YCMH अस्पताल इससे पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। एक पुराने वीडियो में एक बेघर मरीज और जिस स्ट्रेचर पर उसे बांधा गया था, उसे चलती एम्बुलेंस से बाहर गिरते हुए देखा गया था।
इससे पहले 22 सितंबर को अस्पताल परिसर में ढोल-ताशे बजाने और शोर-शराबा करने का वीडियो भी सामने आया था।
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