गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में जोरदार धमाका, डिलीवरी बॉय घायल; जांच जारी

HIGHLIGHTS
- गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में रात को जोरदार धमाका हुआ।
- धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी, चौकी की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं और दीवारों में दरारें आईं।
- घटना में 20 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय विशाल घायल हो गया।
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में रात में अचानक धमाका हुआ. धमाका इतना तेज था कि दूर-दूर तक लोगों को आवाज सुनाई दी. साथ ही चौकी की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं और दीवारों में दरारें आ गईं. हर किसी का सवाल है कि आखिर ये धमाका हुआ तो हुआ कैसे. इस बीच एक आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी ली है.
पोस्ट में यह किया दावा
सोशल मीडिया एक्स पर गाजी 2 नाम के एकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की गई. इस पोस्ट में ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन-ए-हिन्दुस्तान’ नाम के संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी ली. दावा किया है कि उसने कथित तौर पर ‘भगवा हुकूमत’ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस को निशाना बनाया. पोस्ट में संगठन ने अपने घर, मस्जिद, दीन और संस्कृति की रक्षा के नाम पर लड़ाई जारी रखने की बात भी कही है. साथ ही मौजूदा हुकूमत को नाजायज बताते हुए आगे भी हक के लिए लड़ाई जारी रखने का दावा किया है. हालांकि, इस पोस्ट और संगठन के दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
एक डिलीवरी बॉय हुआ घायल
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस इस पोस्ट वीडियो की जांच कर रही है. दैनिक देहात भी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. बता दें, इस धमाके की चपेट में आकर एक 20 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय विशाल घायल हो गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. बम निरोधक दस्ते ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया.
सीसीटीवी कैमरे नहीं कर रहे काम
पुलिस चौकी के दोनों तरफ सड़क है, जो इंदिरापुरम और गाजियाबाद को जोड़ती है. इसके ठीक ऊपर दिल्ली से राजनगर की तरफ जाने वाला एलिवेटेड रोड भी है. यानी यह इलाका लगातार आवाजाही वाला क्षेत्र है. हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के आसपास कोई CCTV कैमरा मौजूद नहीं है. इतना ही नहीं, पुलिस चौकी के मुख्य गेट पर लगे CCTV कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं. ऐसे में धमाके से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
टीम जुटा रही सबूत
मौके पर पहुंची BDS यानी बम निरोधक दस्ते की टीम भी शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि धमाका किस तरह का था और इसके पीछे किस तरह की सामग्री का इस्तेमाल हुआ. घटनास्थल से मिले संदिग्ध अवशेष और अन्य सबूतों को जांच के लिए आगरा भेजा गया है. अब फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट से धमाके की असली वजह सामने आने की उम्मीद है. गौर करने वाली बात यह भी है कि श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके में इस्तेमाल किए गए मैटेरियल को लेकर भी अब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है. उस मामले की जांच में भी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां जुटी हुई हैं. एक तरफ रेलवे ट्रैक पर धमाका और दूसरी तरफ गाजियाबाद की पुलिस चौकी के अंदर ब्लास्ट. दोनों घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और संभावित साजिश के एंगल से कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
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