'बच्चों के विचारों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं', मंत्री की बेटी के बयान पर बोले हिमंत सरमा

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वयस्क बच्चों के विचारों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं होते।
- सीएम सरमा ने मंत्री केशव महंता का बचाव करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक सोच रखने का अधिकार है।
- नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिविशा महंता की टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से दुख हुआ है, लेकिन हर वयस्क व्यक्ति को अपनी राजनीतिक सोच रखने का अधिकार है।
सीएम सरमा ने कहा, "मेरा भाई भी हमेशा मेरी बात नहीं मानता। मेरे बच्चे भी मेरी कई बातें नहीं मानते। जरूरी नहीं है कि बच्चों की राजनीतिक विचारधारा उनके माता-पिता जैसी ही हो। प्रधानमंत्री मोदी के बारे में उनकी बेटी ने जो कहा, उससे मुझे दुख हुआ। जब मैं उससे मिलूंगा तो इस विषय पर बात करूंगा।"
'बच्चों के विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता'
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी वयस्क बेटे या बेटी के विचारों के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनका बेटा भविष्य में वकील बनता है और किसी ऐसे व्यक्ति का केस लड़ता है, जिसे वह पसंद नहीं करते, तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मंत्री केशव महंता का किया समर्थन
हिमंत बिस्वा सरमा ने मंत्री केशव महंता का समर्थन करते हुए कहा कि वह इस समय राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे समय में उन पर मानसिक दबाव डालना किसी के हित में नहीं होगा।
क्या है पूरा मामला?
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी क्रम में गुवाहाटी में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें असम सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी दिविशा महंता भी शामिल हुई थीं।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। इसके बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मंत्री केशव महंता को निशाने पर लिया।
बता दें कि केशव महंता असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता हैं, जो राज्य में सत्तारूढ़ एनडीए की सहयोगी पार्टी है। वह लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।
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