स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहीं ममता बनर्जी, घर पर भी नहीं फहराया तिरंगा
By Hitesh — August 16, 2026

HIGHLIGHTS
- ममता बनर्जी ने शनिवार सुबह एक्स के जरिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
- करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में पहली बार ऐसा हुआ।
- 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम नियमित रहे थे।
Author: — Dainik Dehat
कोलकाता। बंगाल में हालिया विधानसभा चुनाव में हार और 15 साल की सत्ता से बाहर होने के बाद इस बार स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आईं। यहां तक कि कालीघाट स्थित अपने आवास पर भी उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया।
हालांकि, शनिवार सुबह उन्होंने अपने एक्स हैंडल के जरिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। करीब चार दशक लंबे राजनीतिक जीवन में यह पहली बार है जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ममता बनर्जी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहीं।
युवा कांग्रेस की नेता रहने के समय से ममता बनर्जी 14 अगस्त की मध्यरात्रि को अपने घर के पास हाजरा मोड़ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत करती थीं। 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी स्वतंत्रता दिवस से जुड़े उनके कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहे।
टीएमसी ने आयोजित किया स्वतंत्रता दिवस समारोह
इस बार तृणमूल कांग्रेस की ओर से तपसिया स्थित पुराने तृणमूल भवन के सामने स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। यहां पार्टी प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने झंडोत्तोलन किया। वहीं, कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर पर राज्यसभा के पूर्व सदस्य और उनके करीबी माने जाने वाले शुभाशीष चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हालांकि, ममता बनर्जी पूरे कार्यक्रम के दौरान नजर नहीं आईं।
ममता की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्हें इसकी वजह की जानकारी नहीं है। वहीं, तृणमूल के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी समर्थक धड़े के नेता और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अखरुज्जमान ने ममता की अनुपस्थिति पर कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का आयोजन एक उत्सव की तरह है और यह अंदर से आता है। पूर्व मुख्यमंत्री इस दिन किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में क्यों नजर नहीं आईं, इसका जवाब वही बेहतर दे सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के पांच दिन बाद, नौ मई को ममता बनर्जी ने इस बार अपने घर के आंगन में ही रवींद्र जयंती मनाई थी। मुख्यमंत्री रहते हुए 15 अगस्त को उनका पूरा दिन कार्यक्रमों से भरा रहता था। सुबह वह कोलकाता के रेड रोड पर मुख्य समारोह में शामिल होती थीं और शाम को राजभवन भी जाती थीं।
इस बार रेड रोड पर आयोजित राज्यस्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली बार झंडोत्तोलन किया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में भी पहले जैसी सक्रियता नजर नहीं आई।
दूसरी ओर, भाजपा ने कई स्थानों पर बड़े उत्साह के साथ ध्वजारोहण किया। माकपा के राज्य कार्यालय में विमान बसु और मोहम्मद सलीम समेत वरिष्ठ नेताओं ने भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के पूरे राजनीतिक परिदृश्य में ममता बनर्जी की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
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