कोच्चि हिट एंड रन केस: केरल हाई कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

HIGHLIGHTS
- अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल उठाया।
- अदालत ने संबंधित न्यायिक अधिकारी को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया।
- चेरानल्लूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
कोच्चि। केरल के कोच्चि में मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में केरल हाई कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस मामले में न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे की कथित भूमिका है। चेरानल्लूर में हुई कार दुर्घटना में जयकृष्णन नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
न्यायाधीश की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सवाल उठाया कि उनकी गिरफ्तारी की जरूरत क्यों है। अदालत ने कहा कि वह एक न्यायिक अधिकारी हैं और पहले ही जांच में सहयोग कर चुके हैं। वह पूछताछ के लिए भी पेश हुए थे।
अदालत ने क्या निर्देश दिए?
हाई कोर्ट ने न्यायाधीश को जारी जांच में पूरा सहयोग करने और जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक फैसले जनधारणा या दबाव से प्रभावित नहीं होने चाहिए। साथ ही, जमानत याचिका पर विस्तृत सुनवाई बाद में जारी रखने की बात कही।
अदालत ने कहा, "चूंकि आवेदक केरल राज्य में जिला न्यायाधीश के कैडर में कार्यरत एक न्यायिक अधिकारी हैं, इसलिए उनके फरार होने या कानूनी प्रक्रिया से बचने का कोई सवाल ही नहीं उठता। दूसरे प्रतिवादी (चेरानाल्लूर पुलिस स्टेशन के एसएचओ) या इस मामले की जांच से जुड़े किसी भी अन्य पुलिस अधिकारी को अगले आदेश तक आवेदक को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए।"
अदालत ने मृतक जयाबालकृष्णन के परिवार के सदस्यों की ओर से दायर पक्षकार बनाए जाने की याचिका भी स्वीकार कर ली। सरकारी वकील को निर्देश प्राप्त करने के लिए समय देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई।
पुलिस ने किन धाराओं में दर्ज किया मामला?
चेरानल्लूर पुलिस ने न्यायाधीश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाले गैर-इरादतन हत्या के अपराध से संबंधित है। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181, धारा 183 और धारा 199A भी लगाई गई हैं। ये धाराएं क्रमशः निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाने, अत्यधिक तेज गति से वाहन चलाने और नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों से संबंधित हैं।
चेरानल्लूर पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, रविवार, 25 अक्टूबर को तड़के करीब 2 बजे एक कार ने सड़क किनारे खाना बेचने वाले 55 वर्षीय जयबालकृष्णन के स्कूटर को टक्कर मार दी। बताया गया है कि दुर्घटना के समय कार न्यायाधीश का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था। जयबालकृष्णन उस समय अपने घर लौट रहे थे।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, एर्नाकुलम ने हाल ही में नाबालिग को जमानत दी थी। राज्य सरकार ने इस जमानत को रद्द कराने के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं, जयाबालकृष्णन की पत्नी ने कल राज्य सरकार की इस याचिका में पक्षकार बनने के लिए आवेदन दाखिल किया।
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