टाटा समूह पर राहुल गांधी के बयान से गरमाई सियासत, निर्मला सीतारमण ने किया पलटवार

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने एक्स पर टाटा समूह को लेकर पोस्ट कर कारोबारी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।
- निर्मला सीतारमण ने वाणिज्यिक और कानूनी मामलों को आपराधिक बताने पर आपत्ति जताई।
- वित्त मंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल के ‘लाइसेंस-कोटा राज’ का जिक्र किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को टाटा समूह को लेकर राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता पर कारोबारियों के बीच अविश्वास और जहर फैलाने का आरोप लगाया। सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी को हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया था कि “टाटा को आपराधिक रूप से नष्ट किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा था कि कोई भी कारोबारी नेता इस मुद्दे पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
इस पर जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि वाणिज्यिक और कानूनी मामलों को आपराधिक बताना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय उद्योग की उपलब्धियों को बार-बार नकारने का आरोप भी लगाया।
क्या कांग्रेस ने उद्योग को दबाया?
सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक ‘लाइसेंस-कोटा राज’ के जरिए भारतीय उद्यमियों की भावना को दबाया। उनके मुताबिक, इसके कारण करोड़ों भारतीयों को गरीबी का सामना करना पड़ा।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय उद्योग को रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्र के रूप में देखती है और आर्थिक विकास में उसकी भूमिका को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां उद्यमों को सक्षम बनाने, उद्योगों को समर्थन देने और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई हैं।
राहुल गांधी पर अविश्वास फैलाने का आरोप
वित्त मंत्री ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वह कारोबारी नेताओं को अविश्वास और जहर फैलाने के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की उद्योग को समर्थन देने की समान जिम्मेदारी है।
सीतारमण ने किसानों को मजबूत करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निराधार आरोप लगाने के बजाय रचनात्मक तरीके से जुड़ना चाहिए।
न्यायपालिका को लेकर भी साधा निशाना
सीतारमण ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करता है और देश की अदालतों को इसकी रक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास गवाह है कि राहुल गांधी, उनकी पार्टी और उनसे संबंधित प्रधानमंत्रियों ने न्यायपालिका को नीचा दिखाया है।
वित्त मंत्री ने राहुल गांधी को हर जगह भूत देखने से बचने की सलाह भी दी।
टाटा संस के नेतृत्व विवाद के बीच आया बयान
राहुल गांधी की यह टिप्पणी टाटा संस के नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है। इसी सप्ताह की शुरुआत में टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने टाटा संस के 17 सितंबर के बोर्ड प्रस्ताव को चुनौती दी थी। इस प्रस्ताव में एन चंद्रशेखरन को देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी का अध्यक्ष फिर से नियुक्त करने की बात थी।
राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा था, “भारतीय कारोबार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का खिलौना नहीं है।”
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