लखनऊ: खुदाई के दौरान मिट्टी धंसी, एक मजदूर की मौत

लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में स्थित आरएमएल अस्पताल के सामने गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन निजी अस्पताल की नींव की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से दो मजदूर मलबे में दब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य यादवेंद्र नाथ चौबे और उनकी पत्नी पल्लवी के 750 वर्ग मीटर प्लॉट पर किया जा रहा था, जहां “आरोग्यम मेडिकेयर” नाम से अस्पताल बन रहा है। सुबह करीब चार मजदूर नींव की सफाई में जुटे थे, तभी अचानक मिट्टी का एक हिस्सा ढह गया। इस दौरान दो मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन 35 वर्षीय लक्ष्मी शंकर अवस्थी और तुलसीराम मलबे में फंस गए।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने खुद ही राहत कार्य शुरू किया और फावड़ों की मदद से मिट्टी हटाने लगे। करीब आधे घंटे बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकाला गया।
दोनों को तुरंत सामने स्थित लोहिया संस्थान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लक्ष्मी शंकर अवस्थी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तुलसीराम का इलाज जारी है। मृतक बाराबंकी जिले के रामनगर का रहने वाला बताया जा रहा है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदाई के दौरान आवश्यक बैरिकेडिंग और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे, जिससे यह हादसा हुआ।
नियमों के अनुसार, गहरी खुदाई वाले स्थान पर फेंसिंग, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव लाइट और सुरक्षित एंट्री-एग्जिट व्यवस्था जरूरी होती है, लेकिन मौके पर इनका पालन नहीं किया गया।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने पर विभूतिखंड पुलिस के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसीएम सचिन वर्मा ने बताया कि मृतक के परिवार को आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही मामले की जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
एलडीए अधिकारियों ने दावा किया है कि निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत है और आवश्यक अनुमति भी ली गई थी, लेकिन हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
लखनऊ में निर्माण और खुदाई कार्य के दौरान हादसों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग क्षेत्रों में दीवार गिरने और जर्जर ढांचों के कारण मजदूरों और आम लोगों की जान जा चुकी है।
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