मेरठ हत्या-अपहरण केस: एनकाउंटर की मांग, 85 घंटे का अल्टीमेटम

मेरठ। कपसाड़ गांव की अनुसूचित जाति की युवती रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की मौत के बाद मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। सुनीता की मौत की खबर जैसे ही परिजनों और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं तक पहुँची, उनका गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी के नेताओं ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर एनकाउंटर करने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि पुलिस 85 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई नहीं करती है, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सुनीता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन शाम करीब पांच बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। खबर फैलते ही परिजन और आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष चरण सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री संजीव पाल, शाहजेब रिजवी सहित अन्य लोग मौके पर जमा हो गए।
पुलिस शव को ले जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन उग्र भीड़ ने एंबुलेंस घेर ली। भीड़ ने चालक दीपक को पकड़कर पीटा और एंबुलेंस में जमकर तोड़फोड़ की। अस्पताल के मैनेजर मनोज गोयल ने बीच-बचाव करते हुए दीपक को सुरक्षित बाहर निकाला, इस दौरान उन्हें कांच लगने से चोटें आईं।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर और सीओ दौराला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजन और पार्टी की प्रमुख मांगें:
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पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और सरकारी जमीन का पट्टा प्रदान किया जाए।
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परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
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मृतका के बेटे को सुरक्षा के मद्देनज़र शस्त्र लाइसेंस दिया जाए।
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आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर एनकाउंटर किया जाए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए।
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