राजस्थान में माइनिंग विवाद ने लिया हिंसक रूप, पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत

HIGHLIGHTS
- क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज के रास्ते को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था।
- झड़प के दौरान पथराव और लाठी-डंडों से हमला हुआ, जिसमें सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा भी घायल हुए।
- पूर्व विधायक की पत्नी ने गोली चलाए जाने का आरोप लगाया है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर करीब दो साल से चल रहा विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। वैर थाना क्षेत्र के भौंडा-रायपुर गांव में हुई झड़प में गंभीर रूप से घायल पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन दौसा के पास रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया है कि उनके पति पर गोली चलाई गई थी। घटना के बाद हत्या की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, गोली चलने के आरोप और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के मद्देनजर पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।
दो साल पुराने माइनिंग विवाद ने लिया हिंसक रूप
जानकारी के अनुसार, भौंडा और रायपुर गांव के ग्रामीणों तथा क्रेशर संचालकों के बीच माइनिंग लीज और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था। रविवार, 11 अक्टूबर की शाम पहाड़ी पर खनन कार्य के दौरान 70 से 80 लोगों की भीड़ क्रेशर प्लांट पर पहुंच गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई।
इस दौरान पथराव हुआ और लाठी-डंडे भी चले। संघर्ष में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थिति गंभीर हो गई। अब पुलिस हिंसा के दौरान हुई घटनाओं की जांच कर रही है।
पत्नी का आरोप- अतर सिंह भड़ाना पर चलाई गई गोली
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया है कि उनके पति पर गोली चलाई गई थी। इस आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, अभी तक गोली चलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संघर्ष के दौरान किन परिस्थितियों में अतर सिंह भड़ाना घायल हुए और उनकी मौत किन चोटों के कारण हुई।
जयपुर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
घायल अतर सिंह भड़ाना को पहले वैर उपजिला अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, जयपुर पहुंचने से पहले ही दौसा के पास रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
शरीर पर गहरी चोटों के निशान, पोस्टमार्टम से सामने आएगी स्थिति
अतर सिंह भड़ाना के शव का जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, उनके शरीर पर गहरी चोटों के निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मौत के संभावित कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ही उनकी मौत की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पाली स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। मौके पर उनके बड़े बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना मौजूद हैं। वहीं, परिवार के सदस्य मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
भौंडा गांव और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भौंडा गांव और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर हुए विवाद, संघर्ष के दौरान हुई हिंसा और गोली चलाए जाने के आरोपों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद के दौरान हिंसा कैसे शुरू हुई, अतर सिंह भड़ाना को कौन-सी चोटें लगीं और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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