मुजफ्फरनगर: चकबंदी लेखपाल 20 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में एंटी करप्शन सहारनपुर मंडल की टीम ने चकबंदी लेखपाल परमेशवीर को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
- आरोपी लेखपाल पर कृषि भूमि की पैमाइश कराने के बदले किसान से रिश्वत मांगने का आरोप है, शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की।
- लेखपाल के खिलाफ थाना तितावी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, वहीं कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।
मुजफ्फरनगर में एंटी करप्शन सहारनपुर मंडल की टीम ने शनिवार को चकबंदी विभाग के लेखपाल परमेशवीर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि लेखपाल कृषि भूमि की पैमाइश कराने के बदले किसान से रिश्वत की मांग कर रहा था। टीम ने यह कार्रवाई दोपहर करीब 1:25 बजे की।
लेखपाल के खिलाफ शिकायत छपार थाना क्षेत्र के सिंभालकी निवासी बोबीन्द्र ने की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि चकबंदी लेखपाल परमेशवीर कृषि भूमि की पैमाइश कराने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। आरोपी लेखपाल बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के करनावल का निवासी बताया गया है और वर्तमान में चरथावल में तैनात था।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन सहारनपुर की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। शनिवार दोपहर करीब 1:25 बजे चरथावल के रोहाना रोड स्थित आरोग्य हॉस्पिटल के पास एक निजी मकान में आरोपी लेखपाल को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया।
कार्रवाई के बाद आरोपी लेखपाल के खिलाफ थाना तितावी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद लेखपाल को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम और अन्य जरूरी साक्ष्य भी कब्जे में लिए हैं।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पीड़ित बोबीन्द्र का यह भी आरोप है कि आरोपी लेखपाल पहले भी उससे 27 हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद दोबारा 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी, जिसके बाद परेशान होकर उसने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
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