H-1B वीजा पर बढ़ने वाला है शुल्क? ट्रंप प्रशासन ने 1.03 लाख डॉलर का प्रस्ताव रखा

HIGHLIGHTS
- प्रस्तावित शुल्क करीब 98.92 लाख रुपये के बराबर
- H-1B वीजा में भारतीयों की हिस्सेदारी 70% से अधिक
- 2024 में 3,99,402 H-1B याचिकाएं मंजूर हुईं
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन H-1B वीजा और F-1 ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रमों के लिए नए शुल्क लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत H-1B वीजा शुल्क बढ़ाकर 1,03,265 डॉलर यानी 98.92 लाख भारतीय रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने यह प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सोमवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया गया। पिछले साल भी ऐसा शुल्क लगाया गया था, लेकिन अदालतों ने इसे रोक दिया था। प्रस्तावित नियम लागू होने पर अमेरिका में विदेशी नागरिकों के काम करने, विश्वविद्यालय से नौकरी की ओर बढ़ने वाले छात्रों और H-1B कर्मचारियों को प्रायोजित करने वाले नियोक्ताओं की लागत बढ़ सकती है।
पहले H-1B वीजा पर लगता था कितना शुल्क?
H-1B कार्यक्रम के तहत अमेरिकी कंपनियां विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती हैं। इसके तहत हर साल 65,000 वीजा जारी किए जाते हैं। इसके अलावा उच्च डिग्री वाले कर्मचारियों के लिए 20,000 वीजा उपलब्ध हैं। इन वीजा को तीन से छह साल के लिए मंजूरी दी जाती है।
पिछले साल ट्रंप के आदेश के बाद कुछ H-1B वीजा हासिल करने की लागत काफी बढ़ गई थी। इससे पहले अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर इन वीजा के लिए आमतौर पर करीब 2,000 से 5,000 डॉलर तक शुल्क देना पड़ता था।
भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
प्रस्तावित बदलाव का भारतीयों पर खास असर पड़ सकता है। H-1B वीजा हासिल करने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय हैं। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने 2024 में 3,99,402 H-1B याचिकाओं को मंजूरी दी थी। इनमें भारतीय मूल के लाभार्थियों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत थी।
हाल के अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर अमेरिका में भारतीय मूल के 52 लाख से अधिक लोग रहते हैं।
फ्रैगोमेन ने एक नोट में बताया कि ये प्रस्ताव पहले ही व्हाइट हाउस के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय (OMB) तक पहुंच चुके हैं। नोट के अनुसार, OPT शुल्क से संबंधित प्रस्तावित नियम 20 अगस्त को OMB को भेजा गया था और इसकी समीक्षा चल रही है। वहीं, कुछ H-1B याचिकाओं पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी OMB को भेजा गया था और इसकी समीक्षा 19 अगस्त को पूरी हो गई थी।
OPT आवेदनों पर कितना शुल्क?
फ्रैगोमेन के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग OPT आवेदनों पर 1 लाख डॉलर का शुल्क लगाने का प्रस्ताव कर सकता है। प्रस्तावित H-1B शुल्क प्रशासन की ओर से पहले लगाए गए 1 लाख डॉलर के H-1B याचिका शुल्क को लेकर चल रहे मुकदमे से भी जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, इन प्रस्तावों का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। इन्हें बाद में आधिकारिक तौर पर जारी किया जाएगा।
60 दिन की राहत भी हो सकती है खत्म
नए शुल्क के प्रस्ताव के अलावा, DHS ने इसी महीने की शुरुआत में बेरोजगार H-1B कर्मचारियों के लिए मौजूदा 60 दिन की ग्रेस अवधि खत्म करने का प्रस्ताव भी रखा था।
अगर इस नियम को अंतिम रूप दिया जाता है तो ऐसे कर्मचारियों को तुरंत अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। अन्यथा उन्हें अपने आव्रजन दर्जे के उल्लंघन का सामना करना पड़ सकता है।
इस बदलाव से प्रभावित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी लगभग तुरंत अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। मौजूदा व्यवस्था में उन मामलों में 60 दिन की ग्रेस अवधि मिलती है, जब आव्रजन दर्जे का आधार बनी नौकरी अधिकृत प्रवास अवधि खत्म होने से पहले समाप्त हो जाती है। नियम अंतिम रूप लेता है तो कुछ कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए यह सुविधा खत्म हो जाएगी।
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