मुजफ्फरनगर: रिजर्व पुलिस लाइंस में व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइंस में छह दिवसीय व्यक्तित्व एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
- वामा सारथी और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में महिलाओं और युवाओं को संवाद कौशल, वित्तीय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन और रोजगार से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
- समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन ‘वामा सारथी’ के तहत पुलिस परिवार के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने और व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से आयोजित छह दिवसीय व्यक्तित्व एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार शाम करीब 6 बजे रिजर्व पुलिस लाइंस में संपन्न हुआ। समापन कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नांदी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य पुलिस परिवार की महिलाओं और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, जीवन कौशल को विकसित करना, आर्थिक जागरूकता बढ़ाना और रोजगार के अवसरों के लिए उन्हें तैयार करना था।
छह दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक जानकारी दी। इसमें ग्रुप डिस्कशन स्किल्स, प्रभावी संवाद कौशल, बॉडी लैंग्वेज, प्रोफेशनल ग्रूमिंग, प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन, रोजगार के अवसर, स्वस्थ जीवनशैली, विवाद एवं तनाव प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, बचत और समस्या समाधान कौशल शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, प्रेजेंटेशन और विभिन्न गतिविधियों के जरिए इन विषयों का अभ्यास भी किया।
समापन समारोह में वामा सारथी मुजफ्फरनगर की अध्यक्षा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की धर्मपत्नी डॉ. नीलम राय और पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. नीलम राय ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल व्यक्तित्व विकास तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों को जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने, आर्थिक रूप से मजबूत बनने और बेहतर सामाजिक व पारिवारिक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान मिली सीख को अपने जीवन में अपनाने और अन्य लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इंदु सिद्धार्थ ने कहा कि पुलिस परिवार की महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर और कुशल बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम काफी उपयोगी हैं। उन्होंने नांदी फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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