JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से मिले अधिकारी, मांगों और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर हुई चर्चा

HIGHLIGHTS
- छात्रों ने सरकार के साथ वार्ता के लिए सहमति जताई है।
- प्रतिनिधिमंडल में शामिल नामों को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
- छात्र मुख्यमंत्री से खुले मंच पर बातचीत की मांग कर रहे हैं।
झारखंड में JPSC, JSSC समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
ADM धनंजय कुमार और रांची सदर SDO राजत कुमार ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। वहीं, छात्र नेताओं ने भी सरकार के साथ बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई है। हालांकि, बातचीत के लिए बनाए जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने वाले कुछ नामों को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
ADM बोले- छात्रों की समस्याओं और भविष्य की तैयारी पर हुई चर्चा
ADM धनंजय कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार छात्रों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कोशिश है कि छात्रों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को समझा जाए।
उन्होंने बताया कि अब तक हुई बातचीत में छात्रों की समस्याओं को जानने और उनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा हुई है।
रांची सदर SDO राजत कुमार ने कहा कि अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर छात्रों से मिलने पहुंचे थे ताकि यह समझा जा सके कि भविष्य की तैयारी में उनकी किस तरह सहायता की जा सकती है। इस दौरान अधिकारियों ने वहां मौजूद अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया।
छात्र नेता बोले- सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं
छात्र नेता राजेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए तैयार होने की जानकारी दी गई है और छात्र भी पहले की तरह वार्ता के लिए तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शामिल करने की बात कही गई है। हालांकि, छात्रों की ओर से तैयार की गई प्रतिनिधिमंडल की सूची में कुछ नामों को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसके बाद सूची में बदलाव किया जा रहा है।
राजेश कुमार ने कहा कि छात्रों की एक प्रमुख मांग यह भी है कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत मीडिया की मौजूदगी में हो।
छात्रों की मांग- खुले मंच पर मुख्यमंत्री से हो बातचीत
प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने कहा कि उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री खुद खुले मंच पर लाइव मीडिया के सामने छात्रों से बातचीत करें।
छात्र ने आरोप लगाया कि पिछले आंदोलन के दौरान उनके प्रतिनिधियों को बंद कमरे में बातचीत के लिए ले जाया गया था, लेकिन उसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि सरकार की ओर से चार या पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए भेजने का सुझाव दिया गया था।
छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीर और पारदर्शी तरीके से बातचीत होनी चाहिए, ताकि समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।





















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