बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल के बगल में दफनाया जाएगा उस्मान हादी का शव

ढाका। इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी के निधन के बाद बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी ढाका सहित कई शहरों से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। हादी का पार्थिव शरीर सिंगापुर से ढाका लाया गया है, जहां उनके अंतिम संस्कार को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
ढाका विश्वविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ (डुक्सू) की नेता फातिमा तस्नीम जुमा ने बताया कि परिवार की इच्छा के अनुरूप शरीफ उस्मान हादी को बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के निकट दफनाया जाएगा। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, शनिवार को जुहर की नमाज के बाद मानिक मियां एवेन्यू पर उनका जनाजा अदा किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होगी। मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
शरीफ उस्मान हादी बीते वर्ष जुलाई 2024 में हुए आंदोलन के दौरान उभरे हसीना विरोधी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रमुख चेहरों में शामिल थे और मंच के प्रवक्ता के तौर पर सक्रिय थे। इसी आंदोलन के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले थे। हादी आगामी फरवरी में होने वाले चुनावों में ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे।
12 दिसंबर को मध्य ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर गोलीबारी की गई थी। बताया गया कि वह ई-रिक्शा से जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। घायल अवस्था में उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, बाद में हालत गंभीर होने पर एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को उन्हें सिंगापुर भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादी के निधन के बाद से देश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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