मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सम्मानित; मंच पर हुईं भावुक

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे
- रानी ने सम्मान को अपनी जन्मभूमि से मिला खास पल बताया
- अभिनेत्री ने राज कपूर के नाम पर पुरस्कार मिलने को बड़ी बात कहा
बुधवार को मुंबई में 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में अभिनेत्री रानी मुखर्जी को राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंच पर रानी मुखर्जी को यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेत्री ने अपने भाव साझा किए।
सिनेमा में योगदान के लिए मिला सम्मान
महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने सिनेमा में वर्षों तक दिए गए योगदान के लिए रानी मुखर्जी को राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया।
सम्मान पाकर भावुक हुईं रानी मुखर्जी
पुरस्कार लेने के दौरान रानी मुखर्जी मंच पर भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि मुझे यह सम्मान अपने ही लोगों और अपनी जन्मभूमि से मिल रहा है, मुझे लगता है कि यही बात इस पल को मेरे लिए सचमुच खास बनाती है। भारतीय सिनेमा के दिग्गज राज कपूर जी के नाम पर दिए जाने वाले इस पुरस्कार को प्राप्त करना अपने आपमें बहुत ही सम्मान की बात है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं इस सम्मान के अनुरूप रहूंगी।’
बोलीं- मुंबई ने मुझे मेरी पहचान दी
रानी मुखर्जी ने कहा, ‘मुंबई ने मुझे मेरी पहचान दी है। इसने मुझे अपने लोग दिए हैं। करियर दिया है। यह मेरा घर, मेरा सुरक्षित स्थान, मेरा सब कुछ रहा है। इसलिए यह पुरस्कार मेरे दिल में एक बहुत ही खास जगह रखेगा क्योंकि जब भी मैं इसे देखूंगी, मुझे सिर्फ एक पुरस्कार नहीं दिखेगा। मुझे मेरा मुंबई, मेरा महाराष्ट्र दिखेगा।’
किरदारों के चुनाव को लेकर भी रखी बात
मंच से रानी मुखर्जी ने अपने करियर में चुने गए किरदारों को लेकर भी बात की। अभिनेत्री ने कहा, ‘मैंने हमेशा ऐसे किरदारों को चुना जो सच्चे लगते थे, जिनकी कहानी, उनके सफर और उनके लचीलेपन के कारण मैं सहज रूप से उनकी ओर आकर्षित हुई। ऐसे किरदार जिनमें साहस था। ऐसे किरदार जिनमें कमियां थीं। ऐसे किरदार जो पृष्ठभूमि में गुम होने से इनकार करते थे। ऐसी महिलाएं जो कभी किसी और के बचाव का इंतजार नहीं करती थीं।’
महाराष्ट्र को समर्पित किया पुरस्कार
रानी मुखर्जी ने अपना यह पुरस्कार महाराष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत कृतज्ञता के साथ यह पुरस्कार महाराष्ट्र को समर्पित करती हूं। यहां की जनता को, यहां के कलाकारों को, यहां के टेक्नीशियंस को, यहां के फिल्म निर्माताओं को, इस खूबसूरत राज्य को अपना घर कहने वाले संपूर्ण फिल्म जगत को और उन सभी पीढ़ियों के कहानीकारों को, जो हमसे पहले आए और जिन्होंने मुझ जैसी लड़की के लिए सपने देखना संभव बनाया।’
तीन दशक से सिनेमा में सक्रिय हैं रानी
रानी मुखर्जी ने अपने करीब तीन दशक के करियर में कई तरह के किरदार निभाए हैं। उन्होंने 1996 में फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद ‘कुछ कुछ होता है’, ‘हद कर दी आपने’, ‘साथिया’, ‘ब्लैक’, ‘मिसेस चैटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ और ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी जैसी फिल्मों में काम करके फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाई।























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