वाराणसी एयरपोर्ट पर गोली चलने के मामले में यात्री गिरफ्तार, शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की होगी संस्तुति

HIGHLIGHTS
- यात्री कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने पहुंचे थे।
- यात्री ने लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस पहले ही घोषित किए थे।
- पिस्टल की मैगजीन निकालते समय अचानक एक राउंड फायर हो गया।
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार सुबह सुरक्षा जांच के दौरान आजमगढ़ निवासी यात्री कमलेश राय की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। गोली लगने से एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए न्यू लक्ष्मी हास्पिटल भेजा गया, जहां उनकी हालत सामान्य बताई गई है।
पुलिस ने एयरपोर्ट कर्मी सुनील कुमार सिंह की तहरीर पर कमलेश राय के खिलाफ बीएनएस की धारा 125 ए और 125 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। उनके शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। पुलिस के अनुसार, पिस्टल की मैगजीन में दो कारतूस थे, जबकि एक कारतूस चैंबर में था। कमलेश राय के बैग से 19 कारतूस भी मिले हैं।
आजमगढ़ के जीयनपुर क्षेत्र के रामगढ़ निवासी कमलेश राय अपनी पत्नी सुषमा राय के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या आईएक्स-1810 से मुंबई जाने के लिए सुबह करीब पौने दस बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस थे, जिसकी जानकारी उन्होंने नियमानुसार पहले ही एयरपोर्ट पर घोषित कर दी थी।
एयरलाइंस काउंटर और सुरक्षा जांच के दौरान हथियार और दस्तावेजों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं। सुरक्षाकर्मियों के निर्देश पर कमलेश राय पिस्टल जमा करने से पहले उसकी मैगजीन निकाल रहे थे। इसी दौरान ट्रिगर दबने से एक राउंड फायर हो गया। गोली फर्श से टकराने के बाद एयरपोर्ट कर्मी सुमन कुमारी की जांघ में लगी, जबकि गोली के छर्रे रोहित राज के हाथ में लगे।
सीआईएसएफ जवानों ने तुरंत कमलेश राय को हिरासत में ले लिया। कमलेश राय का मुंबई में होटल कारोबार है और वह एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़े हैं। मुंबई में वह चार बार और उनकी पत्नी दो बार नगर सेवक रह चुकी हैं। वर्तमान में उनका बड़ा बेटा रितेश राय नगर सेवक है, जबकि छोटा बेटा यत्नेश राय डॉक्टर है। गांव में उनके पिता केदारनाथ राय और मां ऊषा राय रहते हैं। ऊषा राय ग्राम प्रधान भी हैं। रामगढ़ गांव में उनका बाबू शिवपट्टर राय स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय भी है।
कड़े नियमों के बीच हथियार संभालने पर उठे सवाल
नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) और विमानन नियमों के अनुसार, यात्री को टर्मिनल में प्रवेश करते ही एयरलाइन काउंटर या सुरक्षाकर्मियों को हथियार की जानकारी देनी होती है। टर्मिनल के सामान्य या चेक-इन क्षेत्र में यात्री को खुद हथियार की मैगजीन निकालने, उसे अनलॉक करने या संभालने की अनुमति नहीं है। इसके लिए अलग स्ट्रांग रूम होता है, जो बनारस एयरपोर्ट पर नहीं है।
लाइसेंसी हथियार को अनलोड करने और तकनीकी जांच की प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षित स्थान पर प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों या एनसीसी से प्रशिक्षित और योग्य कर्मियों द्वारा की जाती है। यात्री के हाथ में लोडेड पिस्टल देकर मैगजीन निकलवाने को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। जांच और औपचारिक लिखापढ़ी के बाद हथियार को पूरी तरह अनलोड कर सुरक्षित लॉक बॉक्स में रखकर विमान के कार्गो होल्ड में भेजा जाता है। इसे केबिन बैग में ले जाने की अनुमति नहीं होती।
स्वतंत्रता दिवस पर हाई अलर्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
- पुलिस जांच कर रही है कि गोली आकस्मिक रूप से चली या हथियार की जांच के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
- एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
- प्रोटोकॉल के अनुसार हथियार की अनलोडिंग और सुरक्षा जांच प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में यात्री को काउंटर के पास मैगजीन निकालने के लिए क्यों कहा गया, इसकी जांच की जा रही है।
- एक्सरे और चेक-इन काउंटर के पास भीड़ के बीच इस तरह की प्रक्रिया को गंभीर चूक के तौर पर देखा जा रहा है।
- गोली किसी यात्री को लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।
- एयरपोर्ट के इन-हाउस और एयरलाइंस स्टाफ की सुरक्षा के लिए तय एसओपी के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
- हाई अलर्ट के बीच यात्री से पिस्टल की मैगजीन निकलवाने की प्रक्रिया ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
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