सावन में देशभक्ति का रंग, हरिद्वार से निकली 221 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ पहुंची मुजफ्फरनगर

HIGHLIGHTS
- कुरड़ी गांव के 18 युवाओं की टीम हरिद्वार से गंगाजल लेकर विशेष कांवड़ यात्रा पर निकली है।
- मुजफ्फरनगर के छपार कस्बे में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत किया।
- शिवभक्तों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देना है।
मुजफ्फरनगर में सावन कांवड़ यात्रा के बीच मंगलवार शाम एक खास कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। बागपत के 18 शिवभक्त हरिद्वार से 221 फीट लंबी ‘तिरंगा कांवड़’ लेकर अपने गांव की ओर रवाना हुए हैं।
शहीद सैनिकों को समर्पित इस कांवड़ यात्रा ने मंगलवार देर शाम करीब 8 बजे मुजफ्फरनगर के छपार कस्बे में प्रवेश किया। यहां स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर शिवभक्तों का स्वागत किया।
बागपत जिले के कुरड़ी गांव के रहने वाले दीपक, हिमांशु, हरेंद्र, मैनपाल, अंकुर, देव सिंह, कार्तिक, गोविंद, सौरभ समेत 18 युवाओं की टीम हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रही है।
शिवभक्तों ने बताया कि हरिद्वार से उनके गांव की दूरी करीब 180 किलोमीटर है। इसी यात्रा को खास बनाने के लिए उन्होंने 221 फीट लंबी कांवड़ तैयार की है। इस कांवड़ की लंबाई और चौड़ाई 221 फीट, जबकि ऊंचाई 11 फीट रखी गई है। इसे पूरी तरह तिरंगे के रंगों से सजाया गया है। कांवड़ पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रभक्ति से जुड़े संदेश भी लिखे गए हैं।
शहीद जवानों को समर्पित है कांवड़ यात्रा
शिवभक्तों का कहना है कि इस विशेष कांवड़ यात्रा का उद्देश्य देश की सुरक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देना है। उन्होंने बताया कि तिरंगा देश के सम्मान का प्रतीक है और कांवड़ सनातन आस्था से जुड़ी परंपरा है। दोनों को जोड़कर उन्होंने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रयास किया है।
रास्ते भर देखने उमड़ रही लोगों की भीड़
221 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ को देखने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लोगों की भीड़ जुट रही है। स्थानीय लोग शिवभक्तों का स्वागत कर रहे हैं और पुष्पवर्षा के साथ उनकी यात्रा का अभिनंदन कर रहे हैं। यह अनोखी कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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