दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन, जिला संगठन भंग; पदाधिकारी हटाए गए

HIGHLIGHTS
- उपचुनाव हार के कारणों की जांच के लिए बनाई गई समिति ने पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी।
- बैठक में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कथित भितरघात से जुड़े सबूत पेश किए।
- दतिया में जिला पदाधिकारी, कार्यसमिति, मोर्चा और प्रकोष्ठों समेत कई इकाइयों पर कार्रवाई हुई।
भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने दतिया जिले की मौजूदा संगठनात्मक व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक के बाद दतिया उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा के लिए बनाई गई दो सदस्यीय समिति की सिफारिश के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
छह घंटे में लिया गया फैसला
समिति के गठन के करीब छह घंटे बाद ही भाजपा संगठन ने दतिया जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों समेत सभी वर्तमान संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया।
समिति की समीक्षा रिपोर्ट से पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत कराया। इसके बाद मंगलवार देर रात दतिया संगठन पर कार्रवाई की गई।
नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया था विरोध
दतिया उपचुनाव के दौरान पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और पार्टी के खिलाफ भी बयान दिए गए थे।
इस दौरान जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत बूथ स्तर तक कई पार्टी पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उस समय पार्टी संगठन ने इन इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया था। अब चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
आशुतोष तिवारी ने रखे भितरघात के आरोप
मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर उपचुनाव में हार के कारणों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपचुनाव प्रभारी, सांसद भारत सिंह कुशवाह, कई मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ऑडियो रिकॉर्डिंग और चुनाव के दौरान कथित भितरघात से जुड़ी व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी बात रखते हुए चुनाव में हुई गतिविधियों की जानकारी दी।
दो सदस्यीय समिति ने सौंपी रिपोर्ट
हार के कारणों, संगठन की भूमिका और भितरघात से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा के बाद चुनाव परिणाम की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई थी।
इस समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को सदस्य बनाया गया था। समिति ने चुनाव से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर नतीजों के कारणों की समीक्षा की।
इसके बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपी। समिति ने चुनाव के दौरान सामने आए कथित भ्रामक पोस्ट और फर्जी पत्रों की भी जांच की।
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