चलती ट्रेन में पति की हत्या की साजिश! सुपौल की MVI प्रेमी और शूटर के साथ गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- जनसाधारण एक्सप्रेस में विद्युतकर्मी देव कुमार गुंजन की गोली मारकर हत्या की गई थी।
- पुलिस जांच में पत्नी समित कुमारी, उसके प्रेमी और एक कथित शूटर की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।
- रेलवे पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित हत्या की साजिश का खुलासा किया।
सुपौल/कटिहार: बिहार के सुपौल में तैनात मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि महिला अधिकारी ने अपने प्रेमी और एक सुपारी किलर के साथ मिलकर चलती ट्रेन में अपने पति की हत्या की योजना बनाई थी। रेलवे पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जनसाधारण एक्सप्रेस में हुई थी हत्या
कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत 11 जुलाई को जनसाधारण एक्सप्रेस में सफर कर रहे विद्युत विभाग के कर्मचारी देव कुमार गुंजन को गोली मार दी गई थी। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। खास बात यह रही कि मृतक की पत्नी ही इस मामले में शिकायतकर्ता बनी थीं।
जांच में पत्नी पर ही गहराया शक
शुरुआती दौर में पुलिस के सामने हत्या की वजह और आरोपियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसके बाद रेलवे पुलिस ने मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी समित कुमारी की भूमिका संदिग्ध लगी। पुलिस के अनुसार, समित कुमारी बिहार सरकार में सुपौल जिले में MVI के पद पर तैनात हैं और उन्होंने ही कथित तौर पर पति की हत्या की योजना तैयार की थी।
प्रेमी और शूटर के साथ मिलकर बनाया प्लान
पुलिस के मुताबिक, समित कुमारी का जहानाबाद में तैनात विद्युतकर्मी अजीत के साथ संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर देव कुमार गुंजन को हटाने की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि हत्या को अंजाम देने के लिए राजू उर्फ धीरज नाम के व्यक्ति को कथित तौर पर चार लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। योजना के तहत चलती ट्रेन में देव कुमार गुंजन को गोली मारी गई।
ट्रेन में हत्या करने के पीछे क्या थी वजह?
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने वारदात के लिए ट्रेन का चुनाव इसलिए किया, ताकि घटना के बाद अलग-अलग रेलवे थाना क्षेत्रों के बीच मामला उलझ सके और जांच में देरी हो।
हालांकि, रेलवे पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार जांच के जरिए इस कथित साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
34 दिन बाद तीनों आरोपी गिरफ्तार
हत्या के करीब 34 दिन बाद कटिहार रेल थाना पुलिस ने समित कुमारी, अजीत और कथित शूटर राजू उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जुटाए गए सबूतों के आधार पर हत्या की पूरी योजना सामने आई है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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