भारत में जारी हैं अगली पीढ़ी के सुधार, ‘परमिटेड अनलेस प्रोहिबिटेड’ की ओर बढ़ी व्यवस्था: पीएम मोदी

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने नीति और शासन में अगली पीढ़ी के सुधारों पर जोर दिया।
- उन्होंने ‘परमिटेड अनलेस प्रोहिबिटेड’ व्यवस्था की ओर बढ़ने की बात कही।
- भारत को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच ‘ब्राइट स्पॉट’ बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में नीति और शासन के स्तर पर अगली पीढ़ी के सुधार लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले व्यवस्था का नजरिया ‘प्रोहिबिटेड अनलेस परमिट’ यानी अनुमति मिलने तक प्रतिबंधित रहने का था, जबकि अब ‘परमिटेड अनलेस प्रोहिबिटेड’ यानी कानून में रोक न होने तक अनुमति की सोच की ओर बदलाव हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार सुधारों के साथ लोगों के लिए जीवन आसान बनाने पर भी जोर दे रही है।
दुनिया की चिंताओं के बीच भारत को क्यों माना जा रहा ‘ब्राइट स्पॉट’?
प्रधानमंत्री ने एक मीडिया संस्थान के निजी कार्यक्रम में कहा कि इस समय दुनिया में विकास को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं। कई जगह संसाधनों का इस्तेमाल भी हथियार की तरह किया जा रहा है। ऐसे वैश्विक माहौल के बीच भारत को विकास के लिहाज से ‘ब्राइट स्पॉट’ के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए लगातार कई कदम उठा रहा है और सुधार सरकार की प्रतिबद्धता हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, भारत के नीति सुधारों से जियोस्पेशियल तकनीक, ड्रोन और सीमा क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में तेजी आई है। डीरेगुलेशन से स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिला और ड्रोन के इस्तेमाल का दायरा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सड़क, पुल और सुरंगों के निर्माण की गति भी तेज हुई है। पीएम मोदी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 250 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं।
99.9 फीसदी समय पर चलने वाली परियोजनाओं का क्यों दिया उदाहरण?
पीएम मोदी ने कहा कि सुशासन का आकलन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और सेवाओं के कुशल तरीके से मिलने से भी होता है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर और दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों की समयबद्धता 99.9 फीसदी है। उनके मुताबिक, यह भारत में बदलते शासन मानकों और बुनियादी ढांचे की क्षमता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने रेलवे में स्वच्छता को शासन सुधार का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय रेलवे पटरियों पर गंदगी और मानव अपशिष्ट बड़ी समस्या थी। पीएम मोदी के अनुसार, 2014 से पहले ट्रेनों में करीब 12 हजार बायो-टॉयलेट थे, जबकि 2014 के बाद 3.60 लाख से ज्यादा बायो-टॉयलेट लगाए गए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 97 फीसदी से अधिक बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं।
उन्होंने इसे केवल स्वच्छता में बदलाव नहीं, बल्कि यात्रियों की गरिमा, स्वच्छता और आधुनिक भारत के निर्माण पर केंद्रित शासन मॉडल का हिस्सा बताया।
पुराने ब्रिटिश कानून की जगह कौन सा नया कानून आया?
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार लगातार शासन सुधारों पर काम कर रही है। उन्होंने संसद के मानसून सत्र में पारित बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून 19वीं सदी के ब्रिटिश दौर के कानून की जगह आया है और अब बैंकों के डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी रूप से स्वीकार्यता दी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में 40 हजार से अधिक अनुपालन हटाए गए हैं। इसके अलावा 1,500 से ज्यादा पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है। उनके मुताबिक, इन कदमों से उद्योगों और कारोबारों पर अनुपालन का बोझ काफी कम हुआ है।
उत्पादन बढ़ाने पर अब सजा नहीं, प्रोत्साहन क्यों?
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जिस व्यवस्था में उत्पादन बढ़ाने पर दंड जैसा माहौल था, अब सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत आज नीति और शासन, दोनों स्तरों पर अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ा रहा है और इनका उद्देश्य लोगों के लिए जीवन को आसान बनाना भी है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत पहले की सरकारों के दौरान पीएलपी यानी ‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ जैसे मॉडल से आगे बढ़कर अब पीएलआई यानी ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ की व्यवस्था की ओर बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीति का उद्देश्य उत्पादन को बढ़ावा देना और नए अवसर पैदा करना है।
लाइसेंस राज को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
वैश्विक नेताओं के मंच पर पीएम मोदी ने पिछली सरकारों की नीतियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की नीति लोगों को कमी और अभाव की स्थिति में रखने की थी, ताकि उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए भी सरकार के सामने निर्भर रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि पुराने दौर का लाइसेंस राज बेरोजगारी बढ़ाने का कारण बनता था, जबकि उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन यानी PLI मॉडल नए अवसर पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपनी विकास गति को बनाए रखने के लिए सुधार कर रहा है। उनके मुताबिक, नीति स्तर के सुधारों के साथ शासन व्यवस्था में भी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि देश में आर्थिक गतिविधियों और लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.