महिला सुरक्षा पर पुलिस को पूरी छूट, कर्मचारियों और किसानों के लिए शुभेंदु सरकार के बड़े ऐलान

HIGHLIGHTS
- बंगाल सरकार ने महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की।
- सातवें वेतन आयोग के गठन और स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं करने समेत कई फैसले लिए गए।
- किसानों को सौर ऊर्जा सब्सिडी और आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया गया।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के करीब ढाई महीने के भीतर कानून-व्यवस्था, कर्मचारियों के हित, बिजली व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी महिला के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म या किसी अन्य गंभीर अपराध की स्थिति में पुलिस को किसी राजनीतिक या प्रशासनिक निर्देश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। कानून के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और सरकार हर कदम पर पुलिस के साथ खड़ी रहेगी।
महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस को पूरी छूट
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अब अपराधियों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने आरजी कर मामले समेत कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में दुर्गा रक्षा स्क्वाड, महिला थाने और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कर्मचारियों और आम लोगों के लिए भी कई घोषणाएं कीं। राज्य सरकार ने चार सदस्यीय सातवें वेतन आयोग का गठन किया है, जिसे छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
यह आयोग वेतन, महंगाई भत्ता, पेंशन और पदोन्नति से जुड़े मामलों पर अपनी सिफारिशें देगा। इसके अलावा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर को अनिवार्य नहीं करने का फैसला लिया गया है।
किसानों और बिजली व्यवस्था को लेकर घोषणाएं
ऊर्जा क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पर प्रति यूनिट दो रुपये अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की गई है।
इसके साथ ही 54 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त बिजली और पंखों की सुविधा उपलब्ध कराने, एक हजार बालिका विद्यालयों और कॉलेजों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने तथा जनवरी से बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने बिल उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है।
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