सुप्रीम कोर्ट में CJI को गाली देने वाला प्रबल प्रताप सिंह यादव गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष हुई थी घटना।
- नई दिल्ली जिला पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कथित रूप से हंगामा करने वाले वकील प्रबल प्रताप सिंह यादव को नई दिल्ली जिला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अदालत परिसर में हुई घटना के संबंध में दर्ज मामले के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, प्रबल प्रताप सिंह यादव सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष स्वयं रख रहे थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने अदालत की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। आरोप है कि उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और पीठ की ओर कागजात फेंक दिए, जिससे कुछ समय के लिए अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई।
सुनवाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
यह घटना जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष हुई। स्थिति बिगड़ने पर सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें कोर्ट रूम से बाहर ले गए। इसके बाद उन्हें परिसर में सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में रखा गया।
सुप्रीम कोर्ट ने उसी समय दंडात्मक कार्रवाई नहीं की
घटना के बाद पीठ ने तत्काल अवमानना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि याचिकाकर्ता मानसिक रूप से काफी तनाव और निराशा की स्थिति में प्रतीत होता है, इसलिए न्यायालय उसके प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाता है। हालांकि, उसकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने पहुंचे थे
प्रबल प्रताप सिंह यादव इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। मामला लखनऊ में दर्ज कराए जाने की मांग वाली एफआईआर से जुड़ा था। सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
पुलिस ने शुरू की आगे की कानूनी कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही से अलग, नई दिल्ली जिला पुलिस ने घटना के संबंध में कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रबल प्रताप सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया जारी है।
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