दिल्ली: नए पुलिस आयुक्त का बड़ा एक्शन, 48 घंटे में 40 एसएचओ के तबादले

HIGHLIGHTS
- दिल्ली पुलिस के कई महत्वपूर्ण थानों में तैनात अधिकारियों को नई जगहों पर भेजा गया है।
- तबादले के बाद पुलिस विभाग में नए नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- सूत्रों के अनुसार, एसएचओ के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में नए आयुक्त अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के करीब दो सप्ताह बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। महज दो दिनों में 40 थाना प्रभारियों (एसएचओ) का तबादला कर दिया गया है। इनमें बृहस्पतिवार को 30 और शुक्रवार को 10 एसएचओ को स्थानांतरित किया गया।
तबादला किए गए सभी इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत अपनी नई तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार संभालने के लिए रिलीव हों और संबंधित जिले या यूनिट के डीसीपी को रिपोर्ट करें। यह पहली बार है जब किसी पुलिस आयुक्त ने पद संभालने के इतने कम समय में इतने बड़े स्तर पर इंस्पेक्टरों में बदलाव किया है।
फेरबदल को लेकर लगाए जा रहे कई कयास
पूर्व पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के कार्यकाल में इस साल जनवरी या उसके बाद नियुक्त किए गए कई एसएचओ को कुछ ही महीनों में हटा दिया गया है। सामान्य तौर पर एसएचओ के कामकाज और प्रदर्शन को देखते हुए उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद ही तबादला किया जाता था।
अचानक हुए इस बड़े फेरबदल को लेकर विभाग में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
अधिकारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
हाल ही में महरौली, फतेहपुर बेरी, मयूर विहार, गोविंदपुरी और सीआर पार्क जैसे महत्वपूर्ण थानों में तैनात पांच एसएचओ को सिक्योरिटी (सुरक्षा) और पीसीआर जैसी नॉन-फील्ड यूनिट्स में भेजा गया है।
तबादले के आदेश को लेकर पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों की अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह नए पुलिस आयुक्त की ओर से व्यवस्था में सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है। वहीं, कुछ अधिकारियों का मानना है कि बार-बार होने वाले ऐसे बदलाव थानों के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले की भी संभावना
सूत्रों के अनुसार, एसएचओ स्तर पर बदलाव के बाद अब पुलिस आयुक्त जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी फेरबदल कर सकते हैं। इसमें विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस में पिछले कुछ वर्षों से यह देखा गया है कि नए नेतृत्व के आने के बाद पूर्व अधिकारियों के कई फैसलों में बदलाव किए जाते रहे हैं। पूर्व पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने राकेश अस्थाना के कई निर्णयों को बदला था, जिसमें पीसीआर वैन को थानों के साथ जोड़ने का फैसला भी शामिल था। वहीं, पूर्व आयुक्त सतीश गोलछा ने भी बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से ट्रांसफर नीति में बदलाव किए थे।
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