राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, छात्रों पर AK-47 इस्तेमाल के आरोपों की जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने बिहार छात्र प्रदर्शन में एके-47 इस्तेमाल के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला।
- उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से छात्रों से माफी मांगने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
- नीट पेपर लीक के विरोध में बिहार और दिल्ली में हुए प्रदर्शनों में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफल के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने को कहा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘झूठी’ है और उसमें सुधार करने की क्षमता नहीं है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि छात्रों के खिलाफ पूरी व्यवस्था जानलेवा है। उन्होंने कहा कि खबरें सामने आ रही हैं कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वादा कहां गया, जिसमें छात्रों के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज करने और उन्हें रिहा करने की बात कही गई थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसके उलट छात्रों पर हमले और कार्रवाई की जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और बिहार में एके-47 का। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली समेत हर जगह तरीका एक जैसा है।
उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने कहा है कि यह सरकार झूठी है और सुधार करना इसके बस की बात नहीं है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों से पीछे हट जाएगी और हर तरीके से छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करेगी।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वह देश के छात्रों से माफी मांगें और जिन लोगों ने छात्रों पर हमला किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, न कि छात्रों के खिलाफ।
बिहार में क्यों हुआ था प्रदर्शन?
नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को वामपंथी छात्र संगठनों ने बिहार के कई स्थानों पर प्रदर्शन किया था। इनमें से कुछ प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से गोली चलाई।
वहीं, 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भी पुलिस और सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के विरोध में किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
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