इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए राहत, E2W सब्सिडी बढ़ाने पर सरकार कर रही विचार

HIGHLIGHTS
- PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की सब्सिडी बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है।
- E2W बिक्री ने लक्ष्य पार किया, अब तक 27 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिक चुके हैं।
- सब्सिडी जारी रखने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ सकती है, अंतिम फैसला बाकी है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारी उद्योग मंत्रालय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी की सीमा या अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना की भारी मांग और इसकी सफलता को देखते हुए सरकार अतिरिक्त बजटीय सहायता उपलब्ध कराने पर विचार कर सकती है।
सरकार किस प्रस्ताव पर कर रही विचार?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय 31 जुलाई के बाद भी देश में निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी जारी रखने की योजना पर विचार कर रहा है। पीएम ई-ड्राइव योजना के लिए निर्धारित 10,900 करोड़ रुपये का बजट पहले ही आवंटित हो चुका है, ऐसे में योजना को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर प्रति वाहन करीब 5,000 रुपये की सब्सिडी को बरकरार रखने की संभावना है।
कब शुरू हुई PM E-Drive योजना और क्या रहे बिक्री के आंकड़े?
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत की थी। इस योजना ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया है।
- सितंबर 2024 में हुई शुरुआत: पीएम ई-ड्राइव योजना को सितंबर 2024 में आधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री: योजना के तहत 25 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, जबकि भारत में अब तक 27 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की जा चुकी है।
- इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की बिक्री भी लक्ष्य से अधिक: E3W के लिए तय 2,89,000 यूनिट्स के लक्ष्य के मुकाबले 2,97,000 इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की बिक्री हुई है।
सब्सिडी बढ़ाने पर सरकार ने क्या संकेत दिए?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर फिलहाल विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
विभिन्न श्रेणियों के लिए कितना बजट हुआ आवंटित और कितना खर्च?
पीएम ई-ड्राइव योजना के कुल 10,900 करोड़ रुपये के बजट में अलग-अलग श्रेणियों के लिए राशि निर्धारित की गई थी।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (E2W):
- आवंटन: घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की सब्सिडी के लिए 1,772 करोड़ रुपये रखे गए थे।
- उपयोग: मार्च के अंत तक इसमें से 1,259.91 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में खर्च किए जा चुके थे।
इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन (E3W):
- आवंटन: इस श्रेणी के लिए 907 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
- उपयोग: इसमें से 737.35 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इलेक्ट्रिक बसें (E-Buses):
- बजट आवंटन: योजना में सबसे बड़ा हिस्सा ई-बसों के लिए रखा गया है, जिसके लिए 4,391 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- लक्ष्य: प्रमुख शहरों में 14,028 इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने का उद्देश्य रखा गया है।
- खरीद प्रक्रिया: इनमें से 13,800 बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें पहले टेंडर के तहत 10,900 और दूसरे टेंडर के तहत 2,900 बसें शामिल हैं।
अधिकारी के अनुसार, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत निर्धारित पूरी राशि पहले ही इस्तेमाल के लिए तय हो चुकी है। ऐसे में सब्सिडी जारी रखने के लिए नए फंड की व्यवस्था करनी होगी।
ई-स्कूटर खरीदने वालों के लिए क्या मतलब?
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार 31 जुलाई के बाद भी घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी जारी रखने की संभावना पर विचार कर रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसके लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जा सकता है।
फिलहाल प्रति वाहन करीब 5,000 रुपये की सब्सिडी जारी रहने की संभावना है, लेकिन इस संबंध में सरकार की ओर से अंतिम फैसला अभी घोषित नहीं किया गया है।
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