सहारनपुर में RLD की स्वाभिमान रैली, जयंत चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना

HIGHLIGHTS
- रैली का आयोजन रामपुर मनिहारान के गोचर कृषि इंटर कॉलेज मैदान में हुआ।
- जयंत चौधरी ने किसानों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर अपनी बात रखी।
- उन्होंने कहा कि किसानों को अपना वकील मजबूत चुनना होगा।
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज के मैदान में राष्ट्रीय लोकदल की स्वाभिमान रैली का आयोजन किया गया। रैली को संबोधित करते हुए रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके विरोध में किसान और किसानी का विरोध करते-करते समाजवादी लोग अब चौधरी अजित सिंह का भी विरोध करने लगे हैं।
जयंत चौधरी ने किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने गन्ने के भाव, खांडसारी यूनिट, गन्ना नियंत्रण आदेश और एथेनॉल नीति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की।
‘किसान बहुमत में, लेकिन राजनीतिक लॉबी कमजोर’
जयंत चौधरी ने कहा कि देश में किसान बहुमत में है और उसी के आधार पर सरकारें बनती और बिगड़ती हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में किसान की लॉबी कमजोर है। उन्होंने कहा कि इसी कारण किसानों को अपना वकील मजबूत चुनने की जरूरत है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनावी माहौल को देखते हुए संगठन को मजबूत करने और पार्टी की दिशा में मजबूती से काम करने की आवश्यकता है।
‘योगी किसान के लिए नरम’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने वालों के लिए योगी बेहद सख्त हैं, लेकिन किसानों के लिए उनका दिल नरम है। उन्होंने कहा कि जब उनके विधायक गन्ने के रेट और किसानों से जुड़े विषयों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलते हैं तो मुख्यमंत्री कहते हैं, ‘मैं भी किसान हूं।’
गन्ने के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए कई ऐसी बातें कही जाती हैं, जिनसे चार अतिरिक्त वोट मिल सकें, लेकिन गन्ने के मुद्दे पर बात करने के लिए वे तैयार नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद इसकी वजह यह है कि उन्हें अभी भी रसगुल्ला नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर विपक्ष को पत्र भी लिखेंगे और यदि वे सहमत हुए तो लखनऊ एक अच्छा रसगुल्ले का पैकेट भी भेजेंगे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भी किसान है, लेकिन उत्पादक किसान के हितों की कीमत पर उपभोक्ता को बहाना नहीं बनाया जा सकता। उत्पादक किसान के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए।
खांडसारी यूनिट और कोल्हू के मुद्दे पर सरकार के फैसले का जिक्र
जयंत चौधरी ने गन्ना नियंत्रण आदेश-2026 में प्रस्तावित संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें चीनी मिल की 25 किलोमीटर की सीमा के भीतर कोल्हू या खांडसारी यूनिट लगाने के लिए अनुमति और संबंधित चीनी मिल मालिक से एनओसी लेने का प्रावधान बताया गया था।
उन्होंने कहा कि इसका असर किसानों के पास मौजूद विकल्पों पर पड़ता। जब चीनी मिल समय पर भुगतान नहीं करती या किसान किसी परेशानी में होता है, तो उसके पास अपनी फसल को कोल्हू या खांडसारी यूनिट के जरिए बेचने का विकल्प रहता है। उनके अनुसार ये यूनिट किसानों को वैकल्पिक बाजार और कमाई का रास्ता उपलब्ध कराती हैं।
‘प्रस्ताव वापस लिया गया’
जयंत चौधरी ने दावा किया कि किसानों से मिले सुझावों के बाद सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी और उसे वापस ले लिया। उन्होंने इसे सरकार के मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बहुमत होने के बावजूद यदि कोई फैसला देश और किसानों के हित में उचित नहीं है तो सरकार उस पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार है।
किसानों के सुझाव प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का दावा
जयंत चौधरी ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश में संशोधन को लेकर किसानों से सुझाव मांगे गए थे। उन्होंने मेरठ के इकड़ी में हुई सभा का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों से प्रस्तावित कानून की अच्छाइयों और कमियों, दोनों को लेकर सुझाव देने की अपील की गई थी।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों के सुझाव प्राप्त हुए हैं और इन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया गया है। सरकार का प्रयास है कि किसानों की राय को नीति निर्माण में शामिल किया जाए।
गन्ना उत्पादन और किसानों की कमाई का जिक्र
जयंत चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का उत्पादन 2016-17 में करीब 1,400 लाख टन था, जो अब बढ़कर करीब 2,400 लाख टन हो गया है। उन्होंने गन्ने की रिकवरी में भी सुधार का दावा किया।
उन्होंने कहा कि किसानों ने नई किस्मों और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाकर जोखिम उठाया, जिसका लाभ उन्हें बेहतर कमाई के रूप में मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि गन्ना किसानों को करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में पहुंचाए गए हैं।
‘गन्ने का रेट भी 400 पार होना चाहिए’
जयंत चौधरी ने 2026-27 के गन्ना सत्र के भाव का जिक्र करते हुए अपने चुनावी अभियान की बात भी कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुले तौर पर कहा था कि अगर सीटें 400 पार होंगी तो गन्ने का रेट भी 400 पार होगा।
चीनी और रसगुल्ले की कीमतों पर विपक्ष को घेरा
जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष चीनी, रसगुल्ले और गुलाब जामुन महंगे होने की बात करता है, लेकिन किसान की लागत और उसकी आय की चर्चा नहीं करता। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता का हित जरूरी है, लेकिन उत्पादक किसान के हित की कीमत पर ऐसा नहीं होना चाहिए।
एथेनॉल नीति के विरोध पर भी निशाना
जयंत चौधरी ने एथेनॉल नीति के विरोध को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान मक्का, धान और गन्ना बेचता है और यदि इनसे एथेनॉल बनाया जाता है तो इससे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होती है और किसान की फसल के लिए अतिरिक्त बाजार मिलता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को पता है कि एथेनॉल से उन्हें नुकसान नहीं, बल्कि बाजार का एक अतिरिक्त विकल्प मिलता है। साथ ही उन्होंने कहा कि चौधरी अजीत सिंह ने भी अपने राजनीतिक जीवन में एथेनॉल के पक्ष को मजबूती से उठाया था।
‘NDA मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा’
जयंत चौधरी ने कहा कि राजग गठबंधन मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांवों में रहने वाले बच्चों, युवाओं, छोटे किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।
परिवार के साथ रैली में पहुंचे जयंत चौधरी
जयंत चौधरी अपनी पत्नी चारू चौधरी और बेटी के साथ स्वाभिमान रैली में पहुंचे। मंच पर चारू चौधरी और उनकी बेटी भी मौजूद रहीं। रैली स्थल पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटती रही।
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