पठानकोट में नौकरी की मांग को लेकर 10 दिन से टावर पर बैठे दो बुजुर्ग, एक की तबीयत बिगड़ी

HIGHLIGHTS
- 10 दिन से टावर पर बैठे हैं 88 वर्षीय शरम सिंह और 82 वर्षीय कुलविंदर सिंह।
- कुलविंदर सिंह को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
- मांग पूरी नहीं होने तक नीचे उतरने से किया इनकार।
बैराज औसती संघर्ष कमेटी, जैनी जुगियाल के 79 सदस्यों को नौकरी देने की मांग को लेकर डीसी पठानकोट की रिहायश माधोपुर के पास टावर पर चढ़े दो बुजुर्गों का संघर्ष दसवें दिन भी जारी है। टावर पर 10 दिन बिताने के कारण अब दोनों बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने लगी है। 88 वर्षीय शरम सिंह और 82 वर्षीय कुलविंदर सिंह पिछले दस दिनों से टावर पर बैठे सरकार और रंजीत सागर डैम प्रशासन के खिलाफ रोष जता रहे हैं।
संघर्ष कर रहे दोनों बुजुर्गों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे टावर से नीचे नहीं उतरेंगे। उनका कहना है कि इसके लिए उन्हें गर्मी, तेज धूप, बारिश और तूफान का सामना भी करना पड़े, फिर भी वे मांग पूरी होने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि टावर पर बैठे दोनों बुजुर्गों में से 83 वर्षीय कुलविंदर सिंह को अब सांस लेने में परेशानी होने लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों में से किसी भी बुजुर्ग को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी डैम प्रशासन और सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि न्याय नहीं मिलने पर संघर्ष कमेटी जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे जाम करने के लिए भी मजबूर होगी।
दयाल सिंह ने जिला प्रशासन और डैम प्रशासन से मांग की कि बुजुर्गों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा जाए, ताकि किसी भी तरह का जानी नुकसान न हो। दोनों बुजुर्गों के लिए अस्थायी तौर पर दवाइयां लिफाफों में डालकर रस्सी के जरिए ऊपर भेजी जा रही हैं। वे दिन में केवल एक बार खाना खा रहे हैं।
साल 2010 से जारी है संघर्ष
संघर्ष कमेटी की मुख्य मांग है कि बिना जांच-पड़ताल के नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों को हटाकर असली बैराज औसती संघर्ष कमेटी के सदस्यों को नौकरी दी जाए। कमेटी का कहना है कि शाहपुर कंडी बैराज बांध के निर्माण से पहले इन संघर्ष कर्मियों की जमीन बांध में एक्वायर हुई थी।
कमेटी के अनुसार, इस मांग को लेकर उनका संघर्ष वर्ष 2010 से जारी है और वे इससे पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। अब दोनों बुजुर्गों ने आर-पार का संघर्ष शुरू कर दिया है।
बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पुलिस, दमकल विभाग और सेहत विभाग को भी मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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