संभल में सपा विधायक के मकान पर नोटिस चस्पा, अवैध निर्माण गिराए जाने की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- डीएम कोर्ट ने 11 अगस्त को अपील खारिज कर पुराना आदेश बरकरार रखा
- मकान का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया गया था
- करीब 400 गज में बना है तीन मंजिला मकान
संभल। सपा विधायक इकबाल महमूद की वक्फ संपत्ति पर मोहल्ला डेरा सराय में किराएदार आरिफ के तीन मंजिला मकान के निर्माण को प्रशासन ने अवैध घोषित किया है। प्रशासन ने मकान को 15 दिन के भीतर गिराने का समय दिया है। बुधवार को मकान पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। निर्धारित अवधि में मकान नहीं गिराए जाने पर प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। यह आदेश जिलाधिकारी की अदालत में अपील खारिज होने के बाद जारी किया गया।
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि तीन मंजिला मकान का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया गया था। यह मकान मोहल्ला डेरा सराय में मौलाना आरिफ पुत्र अय्यूब अहमद उर्फ छिद्दा पहलवान के नाम से दर्ज है। इसमें किराएदार अय्यूब अहमद पुत्र मकबूल अहमद का नाम भी शामिल है। मुतवल्ली के तौर पर नवाब इकबाल महमूद का नाम भी इस स्थल से जुड़ा है। सुनवाई के बाद 5 फरवरी 2026 को निर्माण को अवैध घोषित किया गया था। उत्तर प्रदेश निर्माण विनियमन अधिनियम 1958 की धारा 10 के तहत इसे गिराने का आदेश दिया गया।
डीएम कोर्ट में अपील खारिज
मकान को अवैध घोषित किए जाने के बाद आदेश के खिलाफ 17 मार्च 2026 को डीएम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। डीएम कोर्ट ने 11 अगस्त 2026 के आदेश में अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने अवैध निर्माण को गिराने के पूर्व आदेश को बरकरार रखा।
मकान नहीं गिराया तो प्रशासन करेगा ध्वस्तीकरण
प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर 15 दिन के भीतर निर्माण खुद गिराने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि तय समय में निर्माण नहीं गिराने पर नियत प्राधिकारी इसे ध्वस्त करा सकता है। ध्वस्तीकरण में आने वाला खर्च भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूला जाएगा।
दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की चर्चा
मोहल्ला डेरा सराय में बने इस मकान पर दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की चर्चा है। तीन मंजिला मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था। करीब 400 गज में बने इस मकान का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। किराएदार आरिफ विधायक के करीबी बताए जाते हैं। वर्षों पहले मुतवल्ली ने यह जमीन दी थी।
वक्फ-अल-औलाद है जमीन
डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि वक्फ-अल-औलाद का मतलब जमीन या संपत्ति को वक्फ करके उसकी आय या लाभ वक्फकर्ता की संतान या परिवार के हित में देना है। इसे सामान्य निजी जमीन की तरह बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। इसकी जिम्मेदारी वक्फकर्ता की संतान मुतवल्ली बनकर निभाती है।
विधायक बोले, हमें नहीं पता किस जमीन पर बना था मकान
सपा विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि उनके दादा नवाब आशक हुसैन खां ने काफी जमीनों को वक्फ और वक्फ-अल-औलाद कर दिया था, जिसके वर्तमान में वे मुतवल्ली हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जमीनों पर कई लोगों ने मकान बना रखे हैं और वे किराया तक नहीं लेते हैं।
इकबाल महमूद ने कहा कि जो तीन मंजिला मकान बना है, वह जमीन उनकी है, लेकिन निर्माण जिसने कराया है, इसकी जिम्मेदारी उसकी है। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि यह जमीन कहां है और इसकी जानकारी कराई जाएगी।
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