संभल: तेजाब हमले के मामले में महिला को मिला आजीवन कारावास

HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश के संभल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में पति पर तेजाब फेंकने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
- अदालत ने सुनवाई के दौरान महिला को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और 1,76,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
- यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा मात्र 10 सुनवाइयों के बाद सुरक्षित किए गए निर्णय के आधार पर सोमवार को घोषित किया गया।
- जानकारी के अनुसार, यह मामला 24 मार्च 2025 को उस समय सामने आया था जब वादिनी नाजुक ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अ…
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में पति पर तेजाब फेंकने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान महिला को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और 1,76,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा मात्र 10 सुनवाइयों के बाद सुरक्षित किए गए निर्णय के आधार पर सोमवार को घोषित किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला 24 मार्च 2025 को उस समय सामने आया था जब वादिनी नाजुक ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने भाई मुजफ्फर अली पर हुए हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मुजफ्फर अली, जो कि इंवर्टर बैटरी का काम करते हैं और परिवार सहित संभल के मोहल्ला बदायूं दरवाजा क्षेत्र में रहते हैं, उनकी पत्नी कहकशां से लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। दंपति के दो बच्चे भी हैं।
आरोप के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते पत्नी तलाक चाहती थी और इस मामले में उसके परिजन भी उसका समर्थन कर रहे थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि विवाद बढ़ने के बाद कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसी रंजिश के चलते 6 मार्च 2025 की रात खाने में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया गया।
इसके अगले दिन 7 मार्च की सुबह करीब 6 बजे, जब मुजफ्फर अली घर में मौजूद थे, तभी उनकी पत्नी कहकशां के साथ एक अज्ञात व्यक्ति भी वहां मौजूद था। इसी दौरान पीड़ित की नींद खुलने पर वह व्यक्ति मौके से भाग गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसके बाद कहकशां ने घर में रखे तेजाब से भरी बाल्टी से मुजफ्फर अली के चेहरे पर हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी दोनों आंखें क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी गोपाल जी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। 27 मई को अदालत ने महिला को दोषी ठहराते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद 1 जून (सोमवार) को अंतिम निर्णय सुनाया गया।
अदालत ने दोषी कहकशां को आजीवन कारावास की सजा के साथ 1,76,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित मुजफ्फर अली को दी जाएगी।
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