संबित पात्रा का विपक्ष पर हमला, बोले- प्रशांत भूषण ने उजागर की सत्ता परिवर्तन की मंशा

HIGHLIGHTS
- संबित पात्रा ने सरकार बदलने के लिए चुनाव को संवैधानिक तरीका बताया।
- गुजरात और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति का हवाला देकर पार्टी पर तंज कसा।
- नेहा बोरा के बांग्लादेश आंदोलन और जेन-जी से जुड़े बयान का जिक्र किया।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने एसआईआर के मुद्दे और सत्ता परिवर्तन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के बयान पर विपक्ष को घेरा। पात्रा ने कहा कि प्रशांत भूषण ने यह कहकर विपक्ष का इरादा स्पष्ट कर दिया है कि उसकी लड़ाई सत्ता परिवर्तन के लिए है। उन्होंने कहा कि भारत किसी की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि 140 करोड़ लोगों का देश है।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों का उद्देश्य न तो एसआईआर का मुद्दा है और न ही बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करना। उनके मुताबिक, विपक्ष किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल कर अपनी सरकार बनाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष बिना चुनाव लड़े और मेहनत किए सत्ता में आना चाहता है, क्योंकि जनता उसे लगातार नकार रही है।
‘सरकार बदलने का संवैधानिक तरीका चुनाव है’
भाजपा सांसद ने कहा कि भारतीय संविधान में सरकार बदलने की स्पष्ट व्यवस्था है। देश में हर पांच साल में चुनाव होते हैं और जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनती है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन का यही वैध रास्ता है।
पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने के बजाय अराजकता का रास्ता अपनाना चाहता है। उनके अनुसार, प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी बात रखकर विपक्ष की इस सोच को जाहिर कर दिया।
राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल
संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कोई चुनाव नहीं जीत पाई है और गुजरात तथा मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग अपनी पार्टी का नेता तक नहीं बदल पाए, वे सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं।
पात्रा ने राहुल गांधी और गांधी परिवार को देशद्रोही बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने खुद को विदेशी ताकतों के हाथों बेच दिया है।
विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी हितों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद रुपयों के लिए भारत माता को गिरवी रखने की कोशिश की गई है और ऐसे लोग विदेशी देशों के इशारे पर कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं।
संबित पात्रा ने नेहा बोरा के कथित बयान का भी उल्लेख किया। बोरा ने कहा था कि बांग्लादेश के आंदोलन ने दुनिया के जेन-जी को रास्ता दिखाया। उन्होंने बांग्लादेश के संघर्ष को लोकतंत्र और वोट के अधिकार की लड़ाई बताया था। बोरा के मुताबिक, भारत का जेन-जी भी लोकतंत्र और मतदान के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है।
इस पर पात्रा ने कहा कि भारत में आंदोलन भले ही जंतर-मंतर से शुरू हुआ हो, लेकिन वह वहीं समाप्त हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से आगे नहीं बढ़ पाएगा और उसे एक किलोमीटर भी आगे जाने का मौका नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत केवल जंतर-मंतर के दो किलोमीटर के दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों की चेतना से बना एक विशाल राष्ट्र है। पात्रा ने चेतावनी दी कि देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना कोई मजाक नहीं है।
शिव के तांडव वाले बयान पर भी जताई आपत्ति
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के शिव के तांडव से जुड़े कथित बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में उन्होंने पहले कभी ‘शिव का तांडव’ शब्द का इस्तेमाल नहीं सुना।
पात्रा ने आरोप लगाया कि यह शिव का तांडव नहीं, बल्कि देशद्रोहियों और पाकिस्तान के बीच रोमांस है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस कथित संबंध को देख रहा है और भारत इसका उचित जवाब देगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.