पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, 12 साल से ज्यादा का सफर खत्म

HIGHLIGHTS
- पूनम राउत ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
- 2017 महिला विश्व कप में उन्होंने 381 रन बनाए थे।
- आयरलैंड के खिलाफ दीप्ति शर्मा के साथ 320 रन की साझेदारी की थी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उनके इस फैसले के साथ ही एक दशक से ज्यादा समय तक चला उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया। दाएं हाथ की बल्लेबाज पूनम ने 2009 में भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मुकाबले के रूप में खेला।
पूनम ने भारतीय टीम के लिए तीनों प्रारूपों में खेलते हुए अहम योगदान दिया। उनके नाम वनडे अंतरराष्ट्रीय में 2299 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 719 रन दर्ज हैं। इसके अलावा, उन्होंने चार टेस्ट मैचों में 264 रन बनाए। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पूनम ने कुल चार शतक लगाए, जिनमें तीन वनडे और एक टेस्ट शतक शामिल हैं।
2017 महिला विश्व कप में रहा यादगार प्रदर्शन
पूनम राउत के करियर में 2017 का महिला वनडे विश्व कप खास रहा। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल तक जगह बनाई थी और पूनम ने 381 रन बनाकर टीम के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल में पूनम ने 86 रन की पारी खेली। हालांकि, भारतीय टीम को इस रोमांचक मुकाबले में नौ रन से हार का सामना करना पड़ा और खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका।
इसी विश्व कप के दौरान पूनम ने आयरलैंड के खिलाफ 109 रन बनाकर शतक लगाया था। इस मैच में उन्होंने दीप्ति शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 320 रन जोड़े थे। यह साझेदारी महिला वनडे क्रिकेट की ऐतिहासिक साझेदारियों में गिनी जाती है।
टेस्ट क्रिकेट में भी दर्ज कराया नाम
पूनम राउत ने टेस्ट प्रारूप में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में शतक बनाया था, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एकमात्र टेस्ट शतक था।
साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक पिंक-बॉल टेस्ट में भी पूनम भारतीय टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने इस मुकाबले की पहली पारी में 36 रन बनाए थे।
इस टेस्ट के दौरान पूनम ने खेल भावना का परिचय भी दिया। गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर निकली थी, लेकिन अंपायर ने उन्हें नॉट आउट करार दिया। इसके बावजूद वह खुद मैदान छोड़कर चली गईं। उनके इस कदम की खेल भावना के लिए काफी प्रशंसा हुई थी।
संन्यास का एलान करते हुए याद किया अपना सफर
पूनम राउत ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की जानकारी दी। उन्होंने मुंबई की गलियों से भारतीय टीम की जर्सी पहनने तक के अपने सफर को आशीर्वाद जैसा बताया।
उन्होंने लिखा कि उनका क्रिकेट का सफर त्याग, संघर्ष, यादगार जीत, मुश्किल सबक और जिंदगीभर याद रहने वाले पलों से भरा रहा। पूनम ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सिर्फ एक सपना पूरा होने जैसा नहीं था, बल्कि ऐसा सम्मान था जिसे उन्होंने हमेशा गर्व के साथ निभाया।
उन्होंने अपने करियर के दौरान साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। पूनम के मुताबिक, क्रिकेट ने उन्हें करियर के साथ-साथ जीवन का उद्देश्य, पहचान और एक परिवार भी दिया।
क्रिकेट से जुड़ी रहेंगी पूनम राउत
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद पूनम राउत खेल से अपना नाता बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने भविष्य में क्रिकेट के लिए कुछ योगदान देने की इच्छा जताई।
अपने संदेश में पूनम ने कहा कि खिलाड़ी के तौर पर उनकी पारी भले ही समाप्त हो रही है, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका प्यार हमेशा बना रहेगा।
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