संसद में बोलने से रोका गया: राहुल गांधी का दावा, शाम 6 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने एक्स पर दावा किया कि संसद में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाने पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया।
- लोकसभा में राहुल गांधी ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
- 'स्टूडेंट, इडियट और अंधभक्त' वाली टिप्पणी पर सदन में हंगामा हुआ, भाजपा ने आपत्ति जताई।
नई दिल्ली। लोकसभा में अपने भाषण को लेकर हुए विवाद के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि संसद में अपने भाषण के दौरान उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बताया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें बोलने नहीं दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि वह बुधवार शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और उन मुद्दों पर बात करेंगे, जिन्हें सदन में उठाने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने लिखा, "माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।"
शिक्षा व्यवस्था को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कई लोगों का मानना है कि छात्रों में गुस्सा पेपर लीक की वजह से है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही क्रूर है। लाखों रुपये गरीबों से लिए जाते हैं और हर चीज का निजीकरण किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं में अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अलग-अलग नियम अपनाए जाते हैं। कहीं दोबारा परीक्षा होती है तो कहीं नहीं होती। उन्होंने इसे खराब व्यवस्था बताते हुए कहा कि सिस्टम और उसकी आत्मा पर कब्जा कर लिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को आरएसएस ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथ सिंह ने कहा था कि हम यूपीए नहीं हैं और हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ हासिल नहीं हुआ, क्योंकि फैसले मंत्री नहीं बल्कि आरएसएस से जुड़े लोग लेते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जाती और उन्हें वही इतिहास पढ़ना पड़ता है, जिसे आरएसएस लाना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज हर विश्वविद्यालय में आरएसएस से जुड़े वाइस चांसलर हैं और धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक व्यक्ति हैं।
असंसदीय भाषा को लेकर लोकसभा में हंगामा
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान छात्रों की तीन श्रेणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक छात्र होता है, फिर दूसरी श्रेणी और तीसरी श्रेणी 'अंध भक्त' की है।
उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था की बात कर रहे हैं। छात्र 8-10 घंटे पढ़ाई करते हैं, शिक्षा महंगी है और वर्षों तक मेहनत करते हैं।
राहुल गांधी के इस बयान पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया है और उन्हें कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जो भी शब्द असंसदीय होंगे, उन्हें सदन की कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा।
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