खरगे के ‘अवैध’ बयान पर शिवराज का पलटवार, बोले- जनता के जनादेश का अपमान

HIGHLIGHTS
- मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग की।
- खरगे ने देश में हुए चुनावों को ‘अवैध’ होने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस अध्यक्ष ने बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग रखी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ‘अवैध’ बताए जाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है। चौहान ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ जनता के जनादेश का भी अपमान है।
खरगे ने लोकसभा और विधानसभाएं भंग करने की मांग की
मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हुए सभी चुनाव ‘अवैध’ हैं। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी ‘अवैध’ बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बैलेट पेपर के जरिए दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका कथित तौर पर दुरुपयोग हो रहा है।
शिवराज बोले- जनता के जनादेश का भी अपमान
खरगे के बयान पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की निराशा और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने की राजनीति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ‘अवैध’ कहना संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ देश की जनता के जनादेश का भी अपमान है।
कांग्रेस पर चौहान ने लगाए संविधान का सम्मान नहीं करने के आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव में जनता कांग्रेस को नकारती है, तब पार्टी लोकतंत्र, चुनाव आयोग, ईवीएम और जनता के जनादेश पर सवाल उठाने लगती है।
वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि देश में चुनावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग को दोहराया है। खरगे के इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।
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